अखिलेश से दूरी, राहुल गांधी से बढ़ी नजदीकी! यूपी चुनाव से पहले छोटी पार्टियों का रुख किस ओर?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच प्रदेश की कई छोटी पार्टियां और क्षेत्रीय नेता कांग्रेस की ओर रुख करते दिखाई दे रहे हैं। पहले समाजवादी पार्टी के साथ रहे इन दलों और नेताओं की अब कांग्रेस से उम्मीदें बढ़ी हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे पर अच्छी सहमति बनती है तो इन छोटे दलों के लिए कांग्रेस के साथ चुनावी मैदान में उतरने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत फिलहाल सीटों के बंटवारे पर अटकी हुई है। समाजवादी पार्टी अपने मजबूत जनाधार का हवाला देते हुए ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि पर्याप्त सीटों पर चुनाव लड़े बिना जीत की संभावना नहीं बनाई जा सकती। इसी बीच छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय नेताओं का कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क बढ़ा है।

कांग्रेस का आधी सीटों पर दावा

अपनी जनता पार्टी के स्वामी प्रसाद मौर्य और संजय चौहान राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं की ओबीसी चौहान समुदाय में पकड़ मानी जाती है। वहीं अपना दल कमेरावादी के पंकज निरंजन भी कांग्रेस नेताओं से कई बार मुलाकात कर चुके हैं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत में आधी सीटों की मांग रखी है। गौतम के मुताबिक कांग्रेस 150 सीटों की बात नहीं कर रही है, बल्कि 200 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

कांग्रेस के भीतर भी संभावित उम्मीदवारों की तलाश जारी है। पार्टी की कोशिश ऐसे चेहरों को तलाशने की है, जिनके जरिए अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधा जा सके।

अखिलेश से दूरी के बीच कांग्रेस पर भरोसा

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छोटे दलों से दूरी बनाई है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बनाए गए भागीदारी मोर्चे में शामिल रहे कई दल अब कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। पंकज निरंजन इसी मोर्चे के संस्थापकों में शामिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में छोटे दलों के साथ गठजोड़ की रणनीति पहले भी देखने को मिली है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने भी कई छोटी पार्टियों और अपने-अपने समुदाय में प्रभाव रखने वाले नेताओं को साथ जोड़ा था।

प्रत्याशियों और चुनाव चिह्न को लेकर पेच

समाजवादी पार्टी की ओर से कांग्रेस से कहा गया है कि वह ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारे, जिनके पास जीतने की क्षमता हो। जानकारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्य ने करीब एक दर्जन सीटों की मांग रखी है। हालांकि उनका कहना है कि वह अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस इस व्यवस्था से सहमत नहीं है। पार्टी चाहती है कि चुनाव उसके चुनाव चिह्न पर लड़ा जाए। कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है और जमीनी स्तर पर उसका काम लगभग पूरा हो चुका है।

गौतम के मुताबिक गुरुवार तक जिला और शहर इकाइयों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आधी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन बातचीत के दौरान जरूरत के मुताबिक समझौता भी किया जा सकता है।

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