नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से 10 जनपथ पहुंचकर मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने अपनी जनता पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने का ऐलान किया।
मीडिया से बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अपनी जनता पार्टी अब INDIA गठबंधन का हिस्सा होगी। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति और उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस पर बाद में चर्चा की जाएगी।
‘भाजपा को हटाओ, देश को बचाओ’ बताया लक्ष्य
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य ‘भाजपा को हटाओ, देश को बचाओ’ और ‘संविधान को बचाओ, भाजपा को हटाओ’ रहेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह देशभर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों की आवाज उठा रहे हैं, उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में इसी दिशा में काम कर रही है।
मौर्य ने कहा कि साझा विचारधारा को देखते हुए उनकी पार्टी गठबंधन के हिस्से के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेगी।
कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?
स्वामी प्रसाद मौर्य का जन्म 2 जनवरी 1954 को प्रतापगढ़ में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम शिवा मौर्य है और उनके दो बच्चे हैं। उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य बीजेपी की सांसद रह चुकी हैं। मौर्य अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और एलएलबी के साथ मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने 1980 में राजनीति में कदम रखा था। वह पहली बार 1996 से 2002 तक विधायक रहे। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘युवा इलाहाबाद’ का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। वर्ष 1991 में वह जनता दल में महासचिव के तौर पर शामिल हुए और 1996 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
मार्च से अक्टूबर 1997 तक मौर्य बीजेपी समर्थित मायावती सरकार में मंत्री रहे। इसके बाद 2002 से 2003 तक उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। मौर्य पडरौना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और बाद में बीजेपी के सदस्य भी रहे। इससे पहले वह बीएसपी से जुड़े थे।
स्वामी प्रसाद मौर्य डलमऊ और पडरौना विधानसभा क्षेत्रों से पांच बार विधायक रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री, विपक्ष के नेता और सदन के नेता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
