लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए टेंडर प्रक्रिया की समयसीमा तय कर दी है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे समेत चार परियोजनाओं के टेंडर 15 अक्टूबर तक अंतिम करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भी अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक हुई। इसमें एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, औद्योगिक क्लस्टर समेत प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
15 अक्टूबर तक इन चार एक्सप्रेसवे के टेंडर होंगे फाइनल
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के टेंडर को 15 अक्टूबर तक अंतिम रूप देने की समयसीमा तय की गई है।
चित्रकूट लिंक समेत इन परियोजनाओं की भी समयसीमा तय
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के टेंडर को 30 अक्टूबर तक अंतिम करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टेंडर 30 नवंबर तक अंतिम करने की समयसीमा तय की गई है।
औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण पर भी जोर
बैठक में यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं के लिए शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की महायोजना-2045 को शासन के साथ समन्वय कर 25 अक्टूबर तक मंजूर कराने के लिए कहा गया है। कुल 56,662 एकड़ भूमि में से अब तक 28,874 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
पहले चरण में विकसित किए जाने वाले एक हजार एकड़ क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में 28 इकाइयों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
