‘चुनावों में हो रही मैच फिक्सिंग’, CWC की बैठक में राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- संसद से सड़क तक जारी रहे विरोध और प्रतिरोध

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ईवीएम और मतदाता सूचियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के जरिए चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ हो रही है। राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक विरोध और प्रतिरोध जारी रखना चाहिए।

इंदिरा भवन में हुई करीब ढाई घंटे की बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जुड़े मामलों और कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के चुनावों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। शुरुआत में कई लोग इन सवालों को लेकर संदेह में थे, लेकिन अब इन मुद्दों पर मीडिया और संपादकीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है।

ईवीएम और मतदाता सूची को बताया ‘मैच फिक्सिंग’ के दो रूप

राहुल गांधी ने कथित ‘मैच फिक्सिंग’ के दो रूप बताए। उनके मुताबिक, एक हिस्सा ईवीएम से जुड़ा है, जबकि दूसरा मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी से संबंधित है। उन्होंने दावा किया कि दोनों स्तरों पर ‘मैच फिक्सिंग’ हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को भी ‘पूरी तरह फिक्स और रिग्ड’ बताया। यह राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पिछले दो वर्षों से इन मुद्दों को तथ्यों और प्रस्तुतियों के आधार पर लगातार उठाती रही है। उनके मुताबिक, इसी वजह से चुनावों से जुड़े इन सवालों को लेकर सार्वजनिक चर्चा का माहौल बदला है।

दिसंबर 2023 के कानून का भी किया जिक्र

बैठक में राहुल गांधी ने दिसंबर 2023 में बनाए गए उस कानून का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने इस कानून को ‘गैरकानूनी’ बताया और पार्टी नेताओं से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटने की बात कही।

उन्होंने 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय ब्रिटिश सरकार की ओर से प्रांतीय स्वायत्तता की मांग स्वीकार नहीं किए जाने के बाद कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया था।

संसद से सड़क तक विरोध जारी रखने पर जोर

राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि कांग्रेस को संसद से लेकर सड़क तक विरोध और प्रतिरोध जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज और उसकी मांगों को सुनने से इनकार करती है, तो लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले राजनीतिक दलों के सामने प्रतिरोध का रास्ता बचता है।

CWC की बैठक में कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर को निलंबित करने और मतदाता सूचियों से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।

कांग्रेस ने चुनावों में कथित ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।

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