पैलेट गन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! केंद्र से मांगी SOP की पूरी जानकारी, जंतर-मंतर कार्रवाई पर नोटिस जारी

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) क्या है। अदालत ने इस संबंध में केंद्र से विस्तृत जवाब मांगा है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला रिटायर्ड इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर यशोवर्धन आजाद और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए दो लोगों की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में भीड़ नियंत्रण के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि पैलेट गन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है और इसके लिए लागू SOP क्या है।

याचिका में उठाई गई प्रमुख मांगें

याचिकाकर्ताओं ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि पैलेट गन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग में संशोधन किया जाए।

घायलों के लिए मुआवजा और इलाज की भी मांग

याचिका में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के दौरान पैलेट गन से घायल हुए लोगों को उचित मुआवजा देने और उनके समुचित इलाज की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल अनुचित है और यह संवैधानिक तथा तर्कसंगत मानकों पर खरा नहीं उतरता।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र का जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब अदालत केंद्र से यह स्पष्ट करने को कह रही है कि पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए क्या दिशा-निर्देश लागू हैं और किन परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों को इसका उपयोग करने की अनुमति दी जाती है।

 

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