यूपी में कौशल प्रशिक्षण में बड़ा फैसला: दिव्यांगों को मिलेगा 5% आरक्षण, एसिड अटैक पीड़ितों को प्राथमिकता

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांगजन के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांगों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही एसिड अटैक पीड़ितों को प्रशिक्षण में विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

दिव्यांगों के लिए 5% आरक्षण लागू
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार अब सभी कौशल प्रशिक्षण बैचों में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। यह व्यवस्था प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर लागू होगी, जिससे अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण का लाभ मिल सकेगा।

एसिड अटैक पीड़ितों को विशेष प्राथमिकता
कौशल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को दिव्यांगजन श्रेणी में शामिल कर उन्हें प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जाएगी। यदि वे पात्रता पूरी करती हैं और प्रशिक्षण के लिए आवेदन करती हैं, तो उन्हें प्राथमिक आधार पर पंजीकरण और अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कौशल विकास विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि प्रभावित महिलाओं को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें नई पहचान और आर्थिक स्वतंत्रता देने पर जोर दिया जाएगा।

जिला स्तर पर होगी प्रभावी निगरानी
प्रदेश के सभी जिलों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनने वाले प्रशिक्षण बैचों में आरक्षण व्यवस्था का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

विभागों के बीच समन्वय के निर्देश
महिला कल्याण विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं का विस्तृत डेटा तैयार करने को कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सके।

 

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