Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन बाजार में फिर भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगातार जारी है। सोमवार को कारोबारी हफ्ते की शुरुआत भी बाजार के लिए कमजोर रही और प्रमुख सूचकांक भारी दबाव के साथ लाल निशान में खुले। निवेशकों की चिंता के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स 430 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

बीएसई सेंसेक्स सोमवार सुबह 430.02 अंकों यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,807.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 161.30 अंक यानी 0.68 प्रतिशत टूटकर 23,482.20 अंक पर कारोबार शुरू करता नजर आया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया के ताजा हालात, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये में कमजोरी बाजार पर दबाव बना रही है। पिछले सप्ताह भी शेयर बाजार में लगातार बिकवाली देखने को मिली थी।

सेंसेक्स की 30 में से 27 कंपनियां लाल निशान में

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 3 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 27 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं निफ्टी 50 में भी सिर्फ 5 शेयर हरे निशान में रहे और बाकी 45 शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।

इन्फोसिस में बढ़त, टाटा स्टील में सबसे बड़ी गिरावट

सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस के शेयर सबसे ज्यादा 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ खुले। इसके अलावा टीसीएस में 0.30 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 0.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.78 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा पावर ग्रिड 3.65 प्रतिशत टूटकर कारोबार करता नजर आया।

बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर दबाव

सोमवार के शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव दिखाई दिया। भारतीय स्टेट बैंक के शेयर 1.67 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.60 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.69 प्रतिशत और एक्सिस बैंक 0.90 प्रतिशत गिरावट के साथ खुले।

वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। अडाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, टाइटन, ट्रेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

निवेशकों में सतर्कता का माहौल

बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

 

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