उन्नाव, जमीन से जुड़े विवाद में अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप लगाकर आग लगाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया और आग लगाने से रोक दिया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने उसकी समस्या सुनी और समाधान का भरोसा देकर उसे शांत कराया। माखी थाना क्षेत्र के अकबरपुर दबौली गांव निवासी मोहन द्विवेदी सोमवार दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट पहुंचा था। वह जमीन से संबंधित अपनी शिकायत अधिकारियों के सामने रखना चाहता था। इसी दौरान उसने पेट्रोल निकाला और खुद पर डालकर आग लगाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ लिया। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। वीडियो में मोहन अधिकारियों के सामने अपनी जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत करता दिखाई दे रहा है। उसका आरोप है कि उसके परिवार के पास करीब साढ़े छह बीघा जमीन थी। इसमें करीब सवा तीन बीघा उसके चाचा की और सवा तीन बीघा उसकी थी। आरोप है कि परिवार के अन्य लोगों ने जमीन का बैनामा करा लिया। उसने बताया कि जमीन उन्नाव सदर तहसील क्षेत्र में है।
मोहन ने लेखपाल प्रमोद पर भी पिछले करीब पांच साल से जमीन के मामले में सुनवाई न करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि दाखिल-खारिज और इंतकाल से संबंधित शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उसने खुद को करीब 24 साल से जमीन के विवाद में परेशान होने की बात कही। मोहन ने वीडियो में दावा किया कि वह मामले की शिकायत कई स्तरों पर कर चुका है। उसके मुताबिक डीजीपी और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों तक भी शिकायत की गई है। उसने दावा किया कि शिकायतों और दस्तावेजों से संबंधित करीब 18 किलो कागज उसके पास हैं। वह अधिकारियों से अपनी जमीन पर चल रहे जेसीबी के काम को रुकवाने और जमीन दिलाने की गुहार लगाता भी दिखाई दे रहा है। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिसकर्मियों ने युवक को सुरक्षित बचाने के बाद उससे पेट्रोल हटवाया।
प्रशासन की सतर्कता से हादसा टला
एडीएम सुशील कुमार ने उसकी समस्या सुनी और संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ। युवक की ओर से लगाए गए जमीन, दाखिल-खारिज और अधिकारियों पर सुनवाई न करने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन ने युवक की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
