एशियन गेम्स में यूपी के बेटों का जलवा! मेरठ के जय कुमार ने जीता सिल्वर, बुलंदशहर के मैराज खान ने शूटिंग में कांस्य पर साधा निशाना

मेरठ/बुलंदशहर: एशियन गेम्स 2026 में उत्तर प्रदेश के दो खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। मेरठ के धावक जय कुमार ने मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम के साथ रजत पदक जीता, जबकि बुलंदशहर के मैराज खान ने शूटिंग में कांस्य पदक अपने नाम किया। गुरुवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए पदकों के लिहाज से खास रहा, जिसमें निशानेबाजी, रिले और वुशू में देश को सफलता मिली।

हीट में ही जय कुमार ने दिखा दी थी रफ्तार

मेरठ के 400 मीटर धावक जय कुमार ने एशियाई खेलों में भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफाइंग हीट में तेज दौड़ लगाते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन से फाइनल में पदक की उम्मीद मजबूत हो गई थी।

जय कुमार का 400 मीटर में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 45.47 सेकंड है, जो उन्होंने मई 2026 में दर्ज किया था। उनके नाम 4×400 मीटर रिले में 3:03.67 और मिश्रित 4×400 मीटर रिले में 3:22.54 का प्रदर्शन भी दर्ज है।

जय कुमार के कोच विशाल सक्सेना ने उनके प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना जय के लिए बड़ी उपलब्धि है। हीट में मिली जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी क्षमता के साथ निभाया और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में योगदान दिया। कोच ने जय की उपलब्धि को मेरठ के एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।

375 में से 346 निशाने सटीक, मैराज ने जीता कांस्य

बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र के मोहल्ला ख्वेशज्ञान निवासी ओलंपियन मैराज खान ने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। उन्होंने 375 में से 346 टारगेट हिट किए और तीसरा स्थान हासिल किया।

मैराज खान के पिता इलियास अहमद खान पॉटरी कारोबारी थे। मैराज का खेलों तक पहुंचने का सफर लंबे संघर्ष और लगातार मेहनत से जुड़ा रहा है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। इसी दौरान उनका रुझान खेलों की ओर बढ़ा और उन्होंने शूटिंग को अपना खेल चुना। वर्ष 1998 से उन्होंने शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार अभ्यास शुरू किया।

लगातार मेहनत के बाद मैराज ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2016 में रियो डी जनेरियो ओलंपिक में हिस्सा लिया था। इसके बाद 2021 में टोक्यो ओलंपिक की स्कीट स्पर्धा में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। क्वालीफिकेशन के दूसरे दिन वह 25वें स्थान पर रहे थे।

वर्ष 2022 में दक्षिण कोरिया के चोंगवोन में हुए वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। इस प्रतियोगिता में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियन का खिताब हासिल किया था। अब एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की है।

मैराज के दो भाई और एक बहन

मैराज खान के दो भाई और एक बहन हैं। उनके भाई सिराज खान इंजीनियर हैं, जबकि दूसरे भाई नाजम खान अपने पिता के पॉटरी कारोबार को संभाल रहे हैं। एशियन गेम्स में मैराज के कांस्य पदक जीतने के बाद परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।

मैराज बोले- अभ्यास और अनुशासन से मिलती है सफलता

मैराज खान का कहना है कि लंबे समय तक किया गया अभ्यास, अनुशासन और मेहनत किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ी को लक्ष्य तय करके लगातार उसके लिए अभ्यास करते रहना चाहिए और अनुशासन का पालन करना जरूरी है।

एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद अब परिवार और क्षेत्र के लोगों को मैराज से आने वाली प्रतियोगिताओं में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

Related posts