कालिख पोती गई… चप्पल चली… और सियासत सुलग उठी। लखनऊ की एक गली में जो हुआ, उसने पूरे यूपी का पारा चढ़ा दिया। सवाल अब सिर्फ विरोध का नहीं—मर्यादा बनाम राजनीति का है। मेयर के घर के बाहर हंगामा: विरोध ने पकड़ा उग्र रूप Lucknow में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब Samajwadi Party के एक कार्यकर्ता ने मेयर Sushma Kharkwal के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मेरठ निवासी गौरव चौधरी ने घर के बाहर कालिख पोती। नेमप्लेट पर चप्पल मारकर विरोध जताया। कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का…
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“रिपोर्ट बदलो वरना बर्बाद हो जाओ!”—तहसीलदार का DM पर आरोप
सरकारी सिस्टम में सच बोलना… सबसे बड़ा अपराध है? फिरोजाबाद में एक महिला अधिकारी ने यही “गुनाह” कर दिया।और अब आरोप है—सिस्टम ने उसे कुचलने की पूरी कोशिश की। ये सिर्फ एक शिकायत नहीं…ये सिस्टम vs सच की लड़ाई है। “रिपोर्ट बदलो” का दबाव—खुला भ्रष्टाचार का खेल? सीधा आरोप— फिरोजाबाद टूंडला की तहसीलदार Rakhi Sharma ने कहा कि डीएम Ramesh Ranjan के दफ्तर से उन पर दबाव बनाया गया। क्या दबाव? जांच रिपोर्ट को “मन मुताबिक” बदलने का और जब उन्होंने मना किया तो शुरू हुआ उत्पीड़न का सिलसिला। यानी सच लिखना……
Read Moreमां की गुहार, बच्चे की हालत… और CM योगी की आंखें नम
सुबह का वक्त, गोरखनाथ मंदिर का शांत परिसर… और अचानक एक ऐसा दृश्य जिसने सत्ता की कठोर छवि को चकनाचूर कर दिया। एक मां की कांपती आवाज, गोद में बीमार बच्चा — और सामने खड़े मुख्यमंत्री। यह सिर्फ “जनता दर्शन” नहीं था, यह सिस्टम और संवेदना के टकराव का वो पल था, जहां कुर्सी नहीं, इंसानियत जीतती दिखी। गोरखनाथ मंदिर में ‘जनता दर्शन’ या भावनाओं का दरबार? गुरुवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आम दिनों की तरह कुर्सियां लगी थीं, अधिकारी मौजूद थे, फरियादी लाइन में थे। लेकिन इस…
Read Moreपुलिस बनी सहारा! गोरखपुर में 6 लड़कियों के लिए देवदूत बनी खाकी
रात, सफर और अनजान शहर… और अचानक साथ छोड़ दे बस—सोचिए उस वक्त क्या गुजरती होगी? Gorakhpur में कुछ ऐसा ही हुआ, जब 6 युवतियां बीच रास्ते फंस गईं। लेकिन इस बार कहानी में ट्विस्ट था—जहां सिस्टम अक्सर सवालों में घिरता है, वहीं पुलिस ने ऐसा काम किया कि भरोसा फिर से जिंदा हो गया। क्या है पूरा मामला? थाना गीडा क्षेत्र में छह युवतियां, जो Bengaluru में नौकरी करती हैं, पश्चिम बंगाल में मतदान के लिए Siliguri जा रही थीं। उन्होंने बाघागाढ़ा स्थित एक ट्रैवल एजेंसी से टिकट बुक कराया…
Read Moreअलविदा कह गईं Asha Bhosle- खबर ने देश को किया शॉक
एक नाम… जो सिर्फ आवाज नहीं, बल्कि पीढ़ियों की धड़कन है—Asha Bhosle। और उसी नाम के साथ जब “निधन” शब्द जुड़ता है, तो देश सिर्फ सुनता नहीं… सन्न रह जाता है। उन्हें Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था और मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन हो गया। Ashish Shelar के हवाले से पुष्टि की गई।
Read MoreDhurandhar 2, बच्चे अंदर… विरोध किया तो बंधक! मथुरा का सिनेमा कांड
सिनेमा हॉल में फिल्म चल रही थी… लेकिन असली ड्रामा स्क्रीन के बाहर शुरू हो चुका था। एक आदमी ने बस इतना कहा कि “यह फिल्म बच्चों के लिए नहीं है”… और अगले ही पल वो खुद “सीन” बन गया। क्योंकि सवाल फिल्म का नहीं, सिस्टम के रिएक्शन का है — और यहीं कहानी खतरनाक हो जाती है। घटना: एक विरोध और अचानक ‘बंधक’ मथुरा के जे०वी० सिनेमा में मामला सिर्फ एक नियम की बात से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि तिग्मांशु धूलिया के असिस्टेंट डायरेक्टर सचिन कौशिक…
Read More45 साल का राज खोल गई ‘धुरंधर’! सच देख बोलोगे – प्रोपोगंडा नहीं आईना है
एक फिल्म आई… और देश दो हिस्सों में बंट गया। किसी ने कहा “प्रोपोगंडा”, तो किसी ने कहा “सच्चाई का आईना”। लेकिन असली सवाल ये है — डर फिल्म से है या उसमें दिखाए गए सच से? धुरंधर: फिल्म नहीं, फुल-ऑन बहस मशीन Dhurandhar ने रिलीज होते ही थिएटर से ज्यादा सोशल मीडिया पर धुआं उड़ा दिया। कहानी में एक किरदार जमील जमाली… 45 साल से पाकिस्तान में। “भाई उस समय कौन सी सरकार थी?” फिल्म ने सिर्फ एक दौर नहीं… कई सरकारों को घसीट लिया। हमजा 15 साल पहले…
Read More“हॉस्पिटल या फैशन शो? बिहार की नर्सों का वीडियो क्यों बना राष्ट्रीय बहस?
एक वीडियो… और पूरा देश सवाल पूछने लगा। हॉस्पिटल में इलाज हो रहा था… या कैमरे के लिए पोज़? और सबसे बड़ा झटका? मरीजों से ज्यादा सोशल मीडिया इस ‘इलाज’ में दिलचस्पी लेने लगा। “वायरल वीडियो: इलाज कम, इमेज ज्यादा?” बिहार के एक अस्पताल से सामने आया एक छोटा सा वीडियो… लेकिन इसका असर लंबा और गहरा है। वीडियो में नर्सें traditional यूनिफॉर्म से बिल्कुल अलग— स्टाइलिश, मॉडल-लाइक आउटफिट में नजर आती हैं। कोई कह रहा है ये “modern healthcare” है…तो कोई इसे “professionalism का मज़ाक” बता रहा है। यह वीडियो सिर्फ viral…
Read Moreटंकी फुल, दिमाग खाली! अफवाहों ने देश को बना दिया ‘फ्यूल-फियर फैक्ट्री’”
सुबह 6 बजे… नींद खुली नहीं, लेकिन डर जाग गया। WhatsApp यूनिवर्सिटी का मैसेज—“तेल खत्म होने वाला है!” और फिर क्या… देश की सड़कों पर गाड़ियां नहीं, घबराहट दौड़ने लगी। इंदौर से अहमदाबाद तक… पेट्रोल पंप अचानक मंदिर बन गए—जहां लोग ‘दर्शन’ नहीं, ड्रम भरने पहुंच गए। किसी ने टंकी फुल कराई, किसी ने बाल्टी… और किसी ने तो बोतल तक नहीं छोड़ी। ये कहानी तेल की नहीं… डर की है। अफवाहों का पेट्रोल बम: कैसे भड़की दहशत? एक वायरल मैसेज… और पूरा सिस्टम हिल गया। सोशल मीडिया ने “Shortage” का…
Read Moreड्रम का डर कि पति ने कहा “तुम जाओ”… UP में रिश्तों का खौफनाक मोड़
मेरठ से उठी एक खौफनाक कहानी का साया अब बुलंदशहर तक फैल चुका है। “नीला ड्रम” अब सिर्फ एक चीज नहीं, बल्कि एक मानसिक डर का नाम बन गया है। यह कहानी प्यार, शक, धोखे और आखिर में… ‘survival’ की है। राजकुमार के लिए शादी एक रिश्ता थी, लेकिन धीरे-धीरे वो एक थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट बन गई—जहां क्लाइमैक्स में हीरो भागता नहीं, खुद को बचाता है। रिश्ता या रिस्क? जब घर बना खतरे की जगह राजकुमार की शादी के बाद सब कुछ सामान्य दिखता था। लेकिन अंदर की कहानी अलग…
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