Uttar Pradesh में स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना अब सिर्फ बिजली विभाग की तकनीकी समस्या नहीं रही, बल्कि सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन चुकी है। जनता का गुस्सा इतना बढ़ गया कि सरकार को अपना फैसला पलटना पड़ा। अब सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की है कि इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी कीमत ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma को चुकानी पड़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में उनका विभाग बदला जा सकता है। जिस योजना को ‘स्मार्ट’ बताया गया, वही बना मुसीबत सरकार ने…
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