आचार्य प्रमोद कृष्णम: सेवक से ‘जगतगुरु’ तक कल्कि धाम में सम्मान का ऐतिहासिक क्षण

गुरुवार को कल्कि धाम में आयोजित ‘कल्कि स्थापना दिवस’ समारोह एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। समारोह के दौरान कल्कि पीठाधीश्वर Acharya Pramod Krishnam को ‘जगतगुरु’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें Akhil Bharatiya Akhada Parishad के अध्यक्ष Mahant Ravindra Puri द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर और विभिन्न अखाड़ों के संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। फूलों की वर्षा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह सम्मान प्रदान किया गया। संतों की मौजूदगी में विशेष घोषणा आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद…

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महादेव का संदेश: कम क्रोध, ज्यादा करुणा! यही है असली शिवत्व

आप सभी को महाशिवरात्रि की पावन शुभकामनाएं। भगवान शिव आपके जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान, शांति और संतुलन का प्रकाश फैलाएं। यह पर्व सिर्फ व्रत और जागरण का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और परिवर्तन का भी अवसर है। महादेव से आज के समाज को क्या सीखना चाहिए? आज की Fast-paced, stress-driven दुनिया में महादेव की जीवन शैली एक powerful life-manual की तरह है। विष पीकर भी शांत रहना नीलकण्ठाय शान्ताय नमः शिवाय शम्भवे। भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष को स्वयं ग्रहण किया, लेकिन उसे…

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भोलेनाथ और नशे का सच: Shiva की छवि बिगाड़ने वालों को जवाब

सोशल मीडिया के दौर में अक्सर यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि Shiva नशे के प्रतीक हैं। लेकिन शास्त्रों में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं मिलता कि उन्होंने नशे को जीवनशैली या आनंद का माध्यम बताया हो। यह भ्रम लोककथाओं और प्रतीकों की अधूरी समझ से पैदा हुआ है। शिव पुराण क्या कहता है? Shiva Purana में शिव को योगेश्वर, महातपस्वी और वैराग्य के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। एक प्रसिद्ध श्लोक में कहा गया है: “नित्यं योगरतं शान्तं निरहंकारमव्ययम्।”अर्थ: जो सदा योग में स्थित, शांत और अहंकार…

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सिर्फ बृजभूषण का दबदबा है, तो सुन लो… मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज में आयोजित 8 दिवसीय राष्ट्रकथा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब धर्म, राष्ट्र और संस्कृति एक मंच पर मिलते हैं, तो भावनाओं का ज्वार थामना आसान नहीं होता। कथावाचक सद्गुरु रितेश्वर महाराज के ओजस्वी और तीखे शब्दों ने श्रोताओं को ही नहीं, बल्कि भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को भी भावुक कर दिया। मंच पर बैठे-बैठे उनकी आंखों से आंसू बहने लगे—और वही दृश्य अब सोशल मीडिया पर वायरल है। क्या बोले सद्गुरु, क्यों छलके आंसू?…

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रामलला के दरबार में नायडू, बोले– Governance का Gold Standard

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय वर्ष आयोजनों में रविवार, 28 दिसंबर 2025, को एक खास राजनीतिक-आध्यात्मिक संदेश देखने को मिला, जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू रामलला के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। यह दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि governance, faith और national integration का प्रतीक बनकर सामने आया। Ram Lalla Darshan: ‘Spiritual Energy का अनुभव’ रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “यह अनुभव आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला है। अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की…

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Ayodhya में History Reloaded — Bhagwa की Grand Entry

25 नवंबर 2025—Vivah Panchami का शुभ दिन—और Ayodhya आज एक ऐसे आध्यात्मिक क्षण की साक्षी है जिसे देखकर इतिहास भी मुस्कुरा रहा है। रामलला के मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर आज वह केसरिया ध्वज फहराएगा जो सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सूर्यवंश, रामायण और अयोध्या की आत्मा की तीन गुना ताकत का प्रतीक है। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं—यह “Sanatan Super Celebration” है। Vivah Panchami का दिव्य कनेक्शन: जब मैरिज Anniversary और Dharma Celebration मिल गए Vivah Panchami यानी वह दिन जब त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का…

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“हिंदू हूँ या सनातनी?” — धर्म भी हो गया ब्रांड, तो पहचान कौन सी रखी जाए?

आज सोशल मीडिया पर हर तरफ आवाज़ है — “मैं सनातनी हूँ” या “मैं हिंदू हूँ”। लेकिन क्या दोनों में फर्क है या ये दो नाम एक ही रास्ते के हैं? असल में “धर्म” का मतलब religion नहीं, बल्कि कर्तव्य, नीति और सत्य के मार्ग पर चलना है। धर्म वो नहीं जो मंदिर में दिखे, बल्कि वो है जो मन में जगे। “सनातन” शब्द कहां से आया? “सनातन” शब्द संस्कृत से लिया गया है — इसका अर्थ है जो न कभी शुरू हुआ और न कभी खत्म होगा। वेद, उपनिषद…

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“धर्म नहीं दूरी – बागेश्वर धाम की पदयात्रा में हिंदू-मुस्लिम साथ-साथ!”

भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक बन चुकी बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में चल रही यह दिल्ली से वृंदावन तक की विशाल यात्रा न सिर्फ धार्मिक भावना को जोड़ रही है, बल्कि सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल भी पेश कर रही है। देशभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं — और खास बात यह है कि इस बार सिर्फ सनातन धर्मावलंबी ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज के…

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सनातन का अपमान राहुल गांधी की आदत है, बिहार माफ नहीं करेगा

बिहार चुनाव के बीच राहुल गांधी के ‘छठ मैया’ पर दिए गए बयान ने राजनीतिक पारा आसमान छू लिया है। हर बार की तरह इस बार भी राहुल गांधी का बयान विपक्ष के लिए “वोट बूस्टर” और बीजेपी के लिए “गोल्डन माइक्रोफोन” बन गया है। बृजेश पाठक का पलटवार — “राहुल को सनातन की ABCD भी नहीं पता” गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के बाद जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया, तो उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बिना घुमाए सीधा वार किया — “राहुल गांधी…

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योगी: “शांति व सौहार्द के लिए सबको सनातन धर्म की शरण में आना पड़ेगा”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम कार्यक्रम के दौरान एक गंभीर संदेश देते हुए कहा कि अगर हमें शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है, तो सबको सनातन धर्म की ओट में आना होगा। उनका यह मानना है कि सनातन धर्म ही लोकमंगल व लोककल्याण का मार्गदर्शक है। “सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगा।” — योगी सिलाई मशीन का वितरण, पौधरोपण और गोसेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लैपटॉप और सिलाई मशीन वितरित की, कुछ छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। पौधरोपण किया। गोशाला में…

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