लखनऊ: बढ़ी हुई ब्लड शुगर को आमतौर पर सिर्फ डायबिटीज से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर अधिक रहने का असर दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ सकता है। फोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर के वरिष्ठ सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ चोपड़ा के अनुसार, ब्लड शुगर में होने वाले बदलावों की समय रहते पहचान करना हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। कम उम्र में डायबिटीज से हृदय रोग का जोखिम 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में कम…
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