1950 में भारत और ईरान ने दोस्ती और शांति बनाए रखने के लिए एक ऐतिहासिक एग्रीमेंट साइन किया। नेहरू ने ईरान से रूस की सेना हटाने की मांग सराहा था, लेकिन सोवियत संघ के खिलाफ सीधे नहीं गए। मार्च 1947 में एशियाई संबंध सम्मेलन में ईरान ने भारत को आजादी की बधाई भी दी। उस समय की डिप्लोमेसी इतनी मीठी थी कि शाह खुद भरोसा दिलाते थे कि पाकिस्तान से उनकी दोस्ती भारत के लिए खतरा नहीं है। नेहरू का गुटनिरपेक्ष दृष्टिकोण और ईरान का पश्चिमी झुकाव नेहरू ने साफ…
Read MoreTag: Middle East
पासपोर्ट रेडी रखिए! भारत-सऊदी डील से मिडिल ईस्ट की दूरी हुई कम
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अच्छी खबर है। भारत और सऊदी अरब के बीच एक अहम द्विपक्षीय वीजा छूट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी। इस समझौते पर भारतीय राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान और सऊदी विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल मामलों के उप मंत्री अब्दुलमजीद बिन राशिद अलस्मरी ने हस्ताक्षर किए। रियाद में हुई हाई-लेवल मीटिंग सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि…
Read Moreईरान में फिर गिरफ्तार नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी, सरकार पर सवाल
ईरान की राजनीति और मानवाधिकारों के बीच टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को खामेनेई सरकार ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस अस्थायी रिहाई के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जो उन्हें 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भूख हड़ताल के बाद मिली थी। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई असहमति की आवाज़ को दबाने की एक और कोशिश है। कैसे हुई गिरफ्तारी? नरगिस के पति तागी राहमानी के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जबरन पकड़कर घसीटा और…
Read Moreचाबहार पर राहत — अमेरिका ने भारत को दी 6 महीने की ‘Sanction Holiday
ईरान के चाबहार बंदरगाह पर लागू अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को 6 महीने की अस्थायी छूट मिली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि — “हमें उस बंदरगाह पर लागू अमेरिकी प्रतिबंधों से छह महीने की अवधि के लिए छूट दी गई है।” यह राहत ऐसे समय पर आई है जब अमेरिका ने सितंबर 2024 के अंत में चाबहार से जुड़े कई संस्थानों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। भारत-ईरान की साझेदारी: व्यापार और रणनीति का संगम भारत ने ईरान के साथ 13 मई 2024 को चाबहार पोर्ट…
Read More“डील हुई डन! हमास ने छोड़े बंधक, इसराइल देगा आज़ादी के बदले आज़ादी!”
गाज़ा में लंबे तनाव के बाद आखिरकार एक बड़ी डील के तहत हमास (Hamas) ने सभी ज़िंदा इसराइली बंधकों को रेड क्रॉस के ज़रिए इसराइली सेना को सौंप दिया है। जबकि मृत बंधकों के शव बाद में सौंपे जाएंगे। इसराइली सेना (IDF) और मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 इसराइली बंधकों का दूसरा समूह दक्षिणी ग़ज़ा से सुरक्षित इसराइल पहुंच चुका है। रेड क्रॉस ने निभाई अहम भूमिका रेड क्रॉस के अधिकारी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस से बंधकों को लेकर इसराइल पहुंचे। इस पूरे ऑपरेशन में इसराइल की एयरफोर्स ने…
Read More“No Bomb, Just Enrichment!” बोले ख़ामेनेई – अमेरिका को झटका!
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने एक बार फिर दुनिया को साफ संदेश दिया है – “ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा”, लेकिन यूरेनियम का संवर्धन (Uranium Enrichment) जारी रहेगा। यूरेनियम संवर्धन पर दो टूक ख़ामेनेई ने अपने राष्ट्रीय टेलीविज़न पर दिए भाषण में स्पष्ट किया कि संवर्धन ईरान का अधिकार है और इसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी इस संवर्धन को रोकने की बात करेगा, ईरानी जनता उसे बर्दाश्त नहीं करेगी। “हमारा इरादा कभी परमाणु हथियार बनाने का नहीं रहा। लेकिन संवर्धन नहीं रोकेँगे।”— आयतुल्लाह…
Read Moreदुनिया को सुनना चाहिए: ट्रंप की कार्रवाई पर बोली पेंटागन
रविवार को वॉशिंगटन डीसी में पेंटागन से अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान पर हुए अमेरिकी हमले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान की परमाणु क्षमताओं को ‘कमज़ोर’ और ‘तबाह’ करने के उद्देश्य से किए गए। क्या ‘बंकर बस्टर’ GBU-57 ने बदल दी परमाणु जंग की तस्वीर? न सैनिकों पर हमला, न नागरिकों को नुकसान रक्षा मंत्री ने इस बात पर खास ज़ोर दिया कि अमेरिकी हमले पूरी तरह से लक्षित और सटीक थे। उन्होंने दावा किया कि इस…
Read Moreक्या ‘बंकर बस्टर’ GBU-57 ने बदल दी परमाणु जंग की तस्वीर?
ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले में एक हथियार ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं — GBU-57 Massive Ordnance Penetrator (MOP)। इसे आमतौर पर ‘बंकर बस्टर’ के नाम से जाना जाता है। इसकी भयावह ताकत और गहराई में छिपे लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता इसे पारंपरिक बमों से अलग बनाती है। अमेरिका और ईरान आमने-सामने- ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग भारी वजन और ताकतवर विस्फोटक क्षमता GBU-57 का वजन करीब 13,600 किलोग्राम (लगभग 30,000 पाउंड) होता है, जो इसे विश्व के सबसे भारी गैर-परमाणु बमों में से एक…
Read More