लखनऊ: राजधानी लखनऊ की वरिष्ठ चिकित्सक और फिटनेस जागरूकता की प्रेरक डॉ. जयंती श्रीवास्तव की अनूठी साइकिलिंग पहल “जॉइन साइकिलिंग विद मी” ने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में शुरू की गई इस मुहिम ने आज हजारों लोगों को नियमित साइकिलिंग से जोड़कर एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले लिया है।
रविवार को गांधी प्रतिमा, हजरतगंज पर आयोजित 10वीं एनिवर्सरी सेलिब्रेशन राइड में बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमियों, चिकित्सकों, फिटनेस विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। “दो पहिए, एक मिशन – एक हेल्दी इंडिया” थीम पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का नेतृत्व स्वयं संस्थापक डॉ. जयंती श्रीवास्तव ने किया।
एक डॉक्टर की सोच से शुरू हुई थी मुहिम
डॉ. जयंती श्रीवास्तव ने जून 2016 में “जॉइन साइकिलिंग विद मी” की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि लोग दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उनकी यह पहल धीरे-धीरे लखनऊ से निकलकर विभिन्न शहरों तक पहुंची और आज यह फिटनेस एवं स्वास्थ्य जागरूकता का एक मजबूत मंच बन चुकी है।

पिछले एक दशक में इस अभियान ने न केवल लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।
10वीं वर्षगांठ पर निकली विशेष साइकिल राइड
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह गांधी प्रतिमा से हुई, जहां से प्रतिभागियों ने रूमी गेट तक साइकिल राइड निकाली और फिर वापस लौटे। इस अवसर पर हैदराबाद से आए मेजर जनरल (डॉ.) ए.वी.के. मोहन ने राइड को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डॉ. जयंती श्रीवास्तव ने कहा कि यह यात्रा केवल साइकिल चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण का अभियान है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में लोगों का बढ़ता जुड़ाव इस बात का प्रमाण है कि फिटनेस को लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के योद्धाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए लकी ड्रा और सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया।
हजारों लोगों को मिली प्रेरणा
डॉ. जयंती श्रीवास्तव की इस पहल ने महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पेशेवरों को नियमित साइकिलिंग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में यह अभियान स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता का भी सशक्त माध्यम बन गया है।
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए साइकिल चालकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फिटनेस प्रेमियों ने भाग लेकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाया और भविष्य में भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
