शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे इंतज़ार के बाद सीजफायर पर सहमति बनी थी। शाम 5 बजे के बाद दोनों ओर से गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने की बात तय हुई थी। लेकिन जनाब, पाकिस्तान ठहरा पाकिस्तान—उधर समझौते पर दस्तखत हुए, इधर ड्रोन उड़ चले! Ceasefire Signed, लेकिन Pak का Finger फिर Trigger पर! ये लातों के भूत हैं ! रात 11 बजे भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने तगड़ी प्रेस ब्रीफिंग की। उन्होंने साफ कहा: “पाकिस्तान ने समझौते का घोर उल्लंघन किया है। सेना सतर्क है और…
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पाकिस्तान की आदत नहीं गई: ‘सीजफायर’ बोला और फिर तोप खोल दी!
भारत और पाकिस्तान के बीच जो ‘शांति की चाय’ शाम को उबाल पर थी, वो रात होते-होते फिर से ‘गोलीबारी का काढ़ा’ बन गई। दोनों देशों के डीजीएमओ (DGMO) के बीच बनी सीजफायर सहमति महज कुछ घंटे ही टिक सकी। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पाकिस्तान ने दोपहर 3:35 बजे पहल की और शाम 5:00 बजे से सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। समुद्र, ज़मीन और आकाश – तीनों ही क्षेत्रों में शांति का वादा किया गया।…
Read Moreमिसाइल कल्पनाएं: भारत बोला – “फंतासी ज़ोन से बाहर आइए, जनाब!”
शनिवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के उन आरोपों की धज्जियाँ उड़ा दीं, जिनमें भारत पर साइबर हमले, बुनियादी ढांचे को नष्ट करने, यहां तक कि मिसाइल दागने जैसे सनसनीखेज दावे किए गए थे। इस बार ‘बरखा रानी ’ मायके जल्दी आ रही हैं, छतरी जोर से संभालिए! “भारत के पावर ग्रिड और साइबर सिस्टम पर कोई हमला नहीं हुआ है। ये दावा पूरी तरह से ग़लत और बेबुनियाद है।” – विक्रम मिसरी पाकिस्तान का मिसाइल माया-जाल: बॉलीवुड भी शर्मा जाए पाकिस्तानी अधिकारी…
Read Moreऑपरेशन सिंदूर: मारे गए लोग आम नागरिक थे, तो उन्हें सेन्य सम्मान क्यों ?
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार शाम बड़ा खुलासा किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तानी सेना की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने तस्वीरें दिखाकर दावा किया कि भारत के हवाई हमलों में मारे गए लोगों के जनाजों में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी मौजूद थे, और उन शवों को सरकारी झंडे से लपेटा गया था। “क्या आतंकवादियों को सरकारी सम्मान देता है पाकिस्तान?” प्रेस वार्ता में मिसरी ने कहा: “हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं, जिनमें…
Read Moreबोले राजनयिक- भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है महाकुम्भ
हिंदू संस्कृति को समझने के लिए प्रयागराज आकर उत्सुक दिखे विभिन्न देशों के राजदूत महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ-2025 में शनिवार को विभिन्न देशों के राजनयिकों व विदेशी अतिथियों का आगमन हुआ। 118 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिव्य-भव्य, नव्य महाकुम्भ को देख अभिभूत हो उठा। इन अतिथियों ने कहा कि महाकुम्भ भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है। प्रयागराज पहुंचकर इन लोगों ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। इन अतिथियों ने योगी सरकार व विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर खुशी भी जताई। वहीं प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत…
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