लोकसभा में 360 और राज्यसभा में 160 वोटों की जरूरत! जानिए दो-तिहाई बहुमत से कितना दूर NDA, FCRA बिल पर क्यों नरमी के संकेत

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों में परिसीमन, महिला आरक्षण और एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज है। सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश में है। इसी बीच संकेत मिल रहे हैं कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनाने के लिए सरकार एफसीआरए संशोधन विधेयक को फिलहाल धीमा कर सकती है। FCRA बिल पर फिलहाल सरकार के कदम धीमे? संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में मानसून सत्र के बचे चार दिनों…

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महिला आरक्षण पर SAD के समर्थन से खुश हुए रिजिजू, बोले- ‘दिल से स्वागत करता हूं’, निष्पक्ष परिसीमन पर भी दिया जोर

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग का समर्थन करने पर शिरोमणि अकाली दल का स्वागत किया है। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में समान प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षण के साथ निष्पक्ष और समान परिसीमन की जरूरत पर भी जोर दिया। रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि शिरोमणि अकाली दल का यह रुख शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पहले कायम…

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परिसीमन बिल क्या है? लोकसभा की सीटें कैसे बदलेंगी, महिलाओं के आरक्षण से क्या होगा असर? आसान भाषा में समझिए पूरा मामला

नेशनल डेस्क: परिसीमन बिल को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। यह प्रस्ताव केवल चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकसभा की सीटों की संख्या, राज्यों के प्रतिनिधित्व और महिलाओं के आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि परिसीमन बिल क्या है और इससे क्या बदलाव हो सकते हैं। क्या होता है परिसीमन? परिसीमन का अर्थ लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का…

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सीटें बढ़ेंगी, राजनीति बदलेगी! महिला आरक्षण से सत्ता का नया गणित तैयार

दिल्ली के सत्ता गलियारों में इन दिनों एक अजीब सी खामोशी है… जैसे कोई बड़ा तूफान आने से पहले हवा रुक जाती है। फाइलें सरक रही हैं, मीटिंग्स हो रही हैं, और एक ऐसा फॉर्मूला पक रहा है जो भारत की राजनीति का DNA ही बदल सकता है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा… असली सवाल है—किसकी सीट जाएगी? और किसकी कुर्सी खिसकेगी? नया फॉर्मूला: जनगणना से अलग खेल? अब तक महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता जनगणना और परिसीमन की लंबी सुरंग से होकर…

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ए नीतीश बाबू! अब सफाई में भी पॉलिटिक्स झाड़ दिहनी

नीतीश बाबू चुनावी मोड में आ गइनी। अबकी बेर झाड़ू वाला समाज के दिल में भी सीधा एंट्री मार दिहनी। बिहार में सफाई कर्मचारियन के अधिकार, कल्याण अउरी इज्जत खातिर नया आयोग बने जा रहल बा—बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग। ई आयोग में 1 अध्यक्ष, 1 उपाध्यक्ष आ 5 सदस्य होई, जेकरा में एक महिला भा ट्रांसजेंडर होई। मतलब अब सफाई करे वाला लोगन के भी VIP ट्रीटमेंट मिल सकेला! एक्स पर पोस्ट करके खुद बतवले नीतीश जी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद X (पहिले वाला ट्विटर) पर लिखलें: “मुझे यह…

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राबड़ी के बाद बिहार को नई रानी की दरकार!

बिहार की राजनीति में ‘संघर्ष’ एगो ऐसा शब्द बा, जेकर गूंज हर चुनाव में सुनाई देला। जात, धरम, इलाका, गोत्र—सब मिलाकर सत्ता के संग्राम एतना जटिल बा कि ओह में महिला नेता के जगह ढूंढे में लुका-छिपी होत रहेला। स्टार्टअप: डॉक्टर अब बस की सीट पर! हेल्थकेयर ऑन व्हील्स से बदलें गेम राबड़ी देवी: पर्दा से सत्ता तक के सफर की कहानी 1997 में जब राबड़ी देवी सीएम बनली, त पूरा देश चौंक गइल। एकदम घरेलू महिला से एक राज्य के मुखिया बन जाना, ऊ भी बिहार में—एहसे बड़का झटका…

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राबड़ी के बाद के रानी के खोज में बिहार: अबकी बार का नेतृत्त्व महिला के हाथ?

बिहार के सियासत के अगर एक शब्द में बखान होखे, तs उ शब्द ह “संघर्ष”। ई धरती जात-पात, क्षेत्रीय अस्मिता, वंशवाद आ चाणक्यवादी चाल के संग अमीरी-गरीबी, गांव-शहर के टकराव से भरल राजनीति देख चुकल बा। लेकिन ए सब झंझावत के बीच एगो सवाल बार-बार उठेला –“महिलन के जगह कहां बा बिहार के सियासत में?” भारत 7 प्रतिनिधिमंडलों को भेजेगा वैश्विक दौरे पर, लाभ-हानि की गणना राबड़ी देवी: ‘गृहिणी’ से ‘मुख्यमंत्री’ तक के सफर जब 1997 में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनली, तs पूरा देश अचंभित हो गइल। ना भाषण, ना…

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