इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वर्ष 2027 में इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मेजबान देश होने के नाते एससीओ के सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को सम्मेलन में आमंत्रित करना उसकी जिम्मेदारी है।
पाकिस्तान वर्ष 2026-27 के लिए एससीओ की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। इसी क्रम में 2027 में इस्लामाबाद में संगठन के शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
30 जुलाई को आयोजित पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि क्या मनीला में आसियान क्षेत्रीय मंच के दौरान भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से द्विपक्षीय मुलाकात का अनुरोध किया था। साथ ही यह भी सवाल किया गया कि क्या अगले एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण भेजा जाएगा।
इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें मनीला में भारत की ओर से किसी बैठक के अनुरोध की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने पुष्टि की कि एससीओ के सभी सदस्य देशों को राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष स्तर पर सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि मेजबान देश होने के नाते पाकिस्तान सभी सदस्य देशों के प्रमुखों को औपचारिक निमंत्रण भेजेगा।
क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी?
हालांकि पाकिस्तान निमंत्रण भेजेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। भारत की ओर से भी इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में तत्कालीन एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की 23वीं बैठक में भाग लेने के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर पाकिस्तान गए थे। विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली और लगभग एक दशक में किसी भारतीय मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा थी।
उस समय भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह एस. जयशंकर को प्रतिनिधि के रूप में भेजा था। जयशंकर ने स्पष्ट किया था कि उनकी यात्रा केवल एससीओ के बहुपक्षीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए है और इसका उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करना नहीं है। इस दौरान कोई द्विपक्षीय बैठक भी नहीं हुई थी।
क्या है एससीओ?
शंघाई सहयोग संगठन दुनिया के प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा संगठनों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 2001 में शंघाई में रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी।
भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने थे। संगठन में ईरान और बेलारूस भी सदस्य हैं।
2026-27 में पाकिस्तान के पास होगी अध्यक्षता
हाल ही में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने किर्गिज गणराज्य में आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में हिस्सा लिया था। इसी बैठक के बाद पाकिस्तान को वर्ष 2026-27 के लिए संगठन की अध्यक्षता मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
