‘धोनी नहीं…’ मोईन अली ने चुना क्रिकेट का सबसे तेज दिमाग, आशीष नेहरा की तारीफ में कही बड़ी बात

नई दिल्ली: इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने क्रिकेट के सबसे तेज दिमाग को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा की जमकर सराहना की है। मोईन का कहना है कि नेहरा खेल की लगभग हर परिस्थिति को गहराई से समझते हैं और उनके पास हर चुनौती का ठोस समाधान होता है।

‘नेहरा की क्रिकेट समझ सबसे अलग’

मोईन अली ने कहा कि उनके लिए बेहतरीन क्रिकेटिंग ब्रेन वही है, जिसे खेल की हर स्थिति की स्पष्ट समझ हो और जो हर परिस्थिति पर तार्किक सोच के साथ जवाब दे सके। उनके मुताबिक आशीष नेहरा उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जो खेल के हर पहलू को बारीकी से पढ़ते और समझते हैं।

आरसीबी में साथ काम करने का मिला था मौका

मोईन अली और आशीष नेहरा ने 2018 और 2019 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में साथ काम किया था। उस समय नेहरा टीम के गेंदबाजी कोच थे। मोईन ने बताया कि इसी दौरान उन्हें नेहरा की रणनीतिक सोच, मैच को पढ़ने की क्षमता और खिलाड़ियों के साथ काम करने के तरीके को करीब से देखने का अवसर मिला।

डेटा और अनुभव के आधार पर लेते हैं फैसले

एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मोईन अली ने कहा कि आशीष नेहरा सिर्फ अनुमान के आधार पर राय नहीं देते। उनकी हर रणनीति के पीछे अनुभव और आंकड़ों का मजबूत आधार होता है। उन्होंने कहा कि नेहरा किसी भी परिस्थिति का विश्लेषण करते समय पहले से हुए घटनाक्रम, आंकड़ों और संभावित नतीजों को ध्यान में रखते हैं, जिससे उनके फैसले अधिक प्रभावी साबित होते हैं।

‘टीम का माहौल बनाने में भी माहिर’

मोईन अली ने कहा कि आशीष नेहरा सिर्फ रणनीतिक रूप से मजबूत नहीं हैं, बल्कि उन्हें यह भी अच्छी तरह पता है कि टीम का सकारात्मक माहौल कैसे तैयार किया जाता है। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के साथ तालमेल बनाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सफल कोच बनाती है। मोईन ने उन्हें “कमाल का क्रिकेटिंग ब्रेन” बताते हुए खुलकर तारीफ की।

कोच के रूप में भी बनाया अलग मुकाम

संन्यास के बाद आशीष नेहरा ने कोचिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई। 2022 में नई टीम के रूप में आईपीएल में उतरी गुजरात टाइटंस ने उन्हें मुख्य कोच बनाया और उनकी अगुआई में टीम ने अपने पहले ही सीजन में खिताब जीत लिया। इसके बाद भी गुजरात लगातार मजबूत प्रदर्शन करती रही और पिछले पांच सीजन में केवल एक बार ही प्लेऑफ में जगह बनाने से चूकी।

 

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