पहले होर्मुज खोलो, फिर बात करो! Iran की शर्त पर Trump का धमाकेदार जवाब

हुसैन अफसर
हुसैन अफसर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब जंग रोकने को लेकर नई कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका के सामने साफ प्रस्ताव रखा है कि अगर Hormuz Strait से नाकेबंदी हटाई जाती है, तभी आगे बातचीत संभव होगी। इसके बाद दूसरे दौर में परमाणु समझौते और न्यूक्लियर हथियारों पर चर्चा हो सकती है।

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर सख्त रुख दिखाते हुए ईरान को 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में समझौता नहीं हुआ तो ईरान के ऑयल पाइपलाइन सिस्टम को तबाह कर दिया जाएगा।

ईरान की शर्त: पहले होर्मुज स्ट्रेट खोलो

ईरान का कहना है कि अमेरिका पहले फारस की खाड़ी में बनाई गई सैन्य नाकेबंदी खत्म करे और Hormuz Strait को फिर से सामान्य व्यापारिक रास्ते की तरह खोले। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, जब तक तेल निर्यात का रास्ता नहीं खुलेगा, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ सकती।

साथ ही ईरान ने सुरक्षा गारंटी, आर्थिक मुआवजा और नए कानूनी ढांचे की भी मांग रखी है।

Trump की Phone Diplomacy: “बात करनी है तो कॉल करो”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान सच में शांति चाहता है तो उसे फोन पर सीधे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान देरी करता है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रहेगा।

रूस यात्रा से क्यों भड़के Trump?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 24 घंटे में पाकिस्तान, ओमान और फिर रूस की यात्रा की। माना जा रहा है कि ईरान अब अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए रूस और क्षेत्रीय देशों का समर्थन जुटाने में लगा है। इसी वजह से ट्रंप नाराज बताए जा रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात को भी वॉशिंगटन शक की नजर से देख रहा है।

क्या बढ़ सकता है Oil Crisis?

अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा या हमला हुआ, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इससे पेट्रोल-डीजल महंगा होना तय माना जा रहा है। भारत समेत कई देशों की नजर अब इस संकट पर टिकी है।

यह सिर्फ जंग नहीं, बल्कि Oil Power, Nuclear Politics और Global Diplomacy का बड़ा खेल बन चुका है। अगले 72 घंटे दुनिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 37 सिर्फ यूपी के—कब मिलेगी राहत?

Related posts

Leave a Comment