मुंबई: निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भाविन लखपतवाला को आरबीएल बैंक का नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया जा सकता है। इस संभावित नियुक्ति की खबर सामने आते ही निवेशकों का उत्साह बढ़ गया और बैंक के शेयर में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
बाजार में इस खबर का असर इतना मजबूत रहा कि 11 जून को आरबीएल बैंक का शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। बैंकिंग सेक्टर के जानकार इसे हाल के महीनों में बैंक से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं।
खबर आते ही शेयर में दिखी जोरदार तेजी
संभावित नियुक्ति की चर्चा के बाद आरबीएल बैंक के शेयर में खरीदारी बढ़ गई। शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह 364.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर माना जा रहा है।
हालांकि बाद में कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते तेजी में हल्की नरमी आई। इसके बावजूद शेयर बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। साल 2026 की शुरुआत से अब तक बैंक के शेयर में 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
कौन हैं भाविन लखपतवाला?
भाविन लखपतवाला बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों में गिने जाते हैं। वह वर्ष 2011 से एचडीएफसी बैंक के साथ जुड़े रहे और वहां वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (Senior Executive Vice President) जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में एचडीएफसी बैंक से इस्तीफा दिया है और अब आरबीएल बैंक में नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। बैंक के वित्तीय प्रबंधन, रणनीतिक योजनाओं और वित्तीय निगरानी में CFO की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
दीपक रुइया की जगह संभाल सकते हैं पदभार
जानकारी के मुताबिक, भाविन लखपतवाला आरबीएल बैंक में दीपक रुइया का स्थान ले सकते हैं। दिसंबर 2025 में दीपक रुइया को अंतरिम आधार पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
यदि नियुक्ति को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो आने वाले सप्ताहों में वह बैंक के वित्तीय संचालन की कमान संभाल सकते हैं।
RBI की मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला
बैंकिंग क्षेत्र में शीर्ष पदों पर नियुक्ति के लिए केवल निदेशक मंडल की स्वीकृति पर्याप्त नहीं होती। ऐसे मामलों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी भी जरूरी होती है।
फिलहाल इस संभावित नियुक्ति को लेकर आरबीएल बैंक, एचडीएफसी बैंक या भाविन लखपतवाला की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बाजार की नजर अब नियामकीय मंजूरी और बैंक की औपचारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व के आने की संभावना से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। यही वजह है कि संभावित बदलाव की खबर ने शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया और बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली।
