India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ी खबर, समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश; ट्रंप बोले- पहले के सौदों से काफी अलग होगा करार

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश व्यापार समझौते के काफी करीब हैं और इसके लिए दोनों पक्ष तैयार हैं। ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित समझौता अमेरिका के पहले किए गए व्यापारिक करारों से काफी अलग होगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक तथा रक्षा सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।

ट्रंप बोले- समझौता करने के लिए दोनों पक्ष तैयार

मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावनाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और अमेरिका भी इसके लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा कि दोनों देश करार के काफी करीब पहुंच चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौते की शर्तें और स्वरूप पहले हुए व्यापारिक समझौतों से अलग हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में समझौते की विस्तृत शर्तों या इसे अंतिम रूप दिए जाने की समयसीमा का खुलासा नहीं किया।

पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से की थी बातचीत

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई है। इसी महीने की शुरुआत में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मिल्वौकी और वाशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी। इस दौरान व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क यानी टैरिफ से जुड़ी परिस्थितियों में बदलाव के कारण समझौते को लेकर बातचीत दोबारा जारी है। अब ट्रंप के ताजा बयान से इस प्रक्रिया में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत दौरे पर मार्को रुबियो, कई क्षेत्रों में सहयोग पर जोर

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। बातचीत में व्यापार के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई।

व्यापार समझौते पर बातचीत के बीच रुबियो का दौरा दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, समझौते को अंतिम रूप देने के लिए किन शर्तों पर सहमति बनती है, यह आगे की बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा।

रूबियो ने भारत को बताया तेल रिफाइनरी क्षेत्र की महाशक्ति

भारत दौरे के दौरान मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के बाद भारत की तेल शोधन क्षमता की सराहना की। उन्होंने भारत को तेल रिफाइनरी के क्षेत्र में महाशक्ति बताया। रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर पूछे गए सवाल पर रुबियो ने कहा कि भारत ने कई बार अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा जताई है और इस दिशा में प्रगति हुई है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका भी भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अच्छा स्रोत बन सकता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने भारत से ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने और अमेरिकी तकनीक खरीदने की अपील की।

जामनगर रिफाइनरी के दौरे पर भी हुई चर्चा

मार्को रुबियो ने बुधवार को गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रिफाइनरी के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वेनेजुएला में तेल उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर रिलायंस के साथ चर्चा करेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप के बयान और ऊर्जा क्षेत्र में रुबियो की टिप्पणियों के बीच दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी पर नजरें टिकी हैं। अब आगे की बातचीत में व्यापार समझौते की शर्तों और ऊर्जा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर क्या प्रगति होती है, यह महत्वपूर्ण रहेगा।

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