मथुरा: वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्रीठाकुर बांके बिहारी मंदिर में हाई पावर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंदिर प्रबंधन और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सामने आया कि पिछले तीन महीनों में श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर की गुल्लक में कुल 4 करोड़ 90 लाख रुपये का दान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही सोने-चांदी के आभूषण और विदेशी मुद्रा भी बड़ी मात्रा में दान स्वरूप मिली है।
ट्रस्ट बनने के बाद कॉरिडोर परियोजना पर बढ़ी प्रगति
हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट गठन के बाद मंदिर से जुड़े विकास कार्यों और कॉरिडोर परियोजना की दिशा में प्रगति तेज हुई है। बुधवार देर रात संपन्न बैठक में मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई प्रशासनिक और तकनीकी विषयों पर समीक्षा की गई।
दान और मूल्यांकन से जुड़े कार्यों पर चर्चा
बैठक में बताया गया कि मंदिर परिसर और बैंक लॉकरों में सुरक्षित रखी गई पीली और सफेद धातुओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। मूल्यांकन के बाद इन सभी कीमती वस्तुओं को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए बड़े लॉकर में सुरक्षित स्थानांतरित किया जा रहा है।
भूमि, फसल और संपत्ति प्रबंधन पर निर्णय
मंदिर के नाम दर्ज 15.710 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल की नीलामी और आगामी वर्षों के लिए ठेका प्रक्रिया पर भी प्रगति की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मंदिर की स्वर्ण और रजत झूला, सिंहासन और अन्य संरचनाओं की मरम्मत कार्य को लेकर भी चर्चा हुई, जिसके लिए विशेष कारीगरों द्वारा 20 से 25 दिनों तक कार्य किया जाएगा।
नगर निगम और अभिलेखों से जुड़े मामलों पर विचार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंदिर के नाम पर दर्ज संपत्तियों के अभिलेख नगर निगम में अपडेट करने के लिए पत्राचार किया जाएगा। साथ ही बैंकिंग रिकॉर्ड में गड़बड़ियों को सुधारने और सभी बैंकों से दैनिक लेनदेन का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा, व्यवस्था और अनुबंधों की समीक्षा
मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनुबंधित एजेंसियों के कार्यों की समीक्षा की गई। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, प्रशिक्षण, चरित्र सत्यापन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर कई निर्देश जारी किए गए। साथ ही यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
अवैध गतिविधियों और प्रशासनिक मामलों पर कार्रवाई के निर्देश
मंदिर परिसर के आसपास कथित अवैध गतिविधियों, वसूली और श्रद्धालुओं से जुड़े मामलों पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच, CCTV अपग्रेडेशन और डिजिटल निगरानी प्रणाली को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बैंकों और वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया पर सख्ती
बैठक में यह भी सामने आया कि गोलक से प्राप्त धनराशि के बैंकिंग प्रक्रिया में देरी को लेकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सभी बैंकों को उसी दिन धन जमा करने की प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा गया है।
बैठक में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार, जिला जज स्तर के अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और मंदिर से जुड़े विभिन्न समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।
