नई दिल्ली: देश के सबसे चर्चित और सबसे ऊंचे हाथियों में शामिल ‘रमन’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि बेजुबान जानवरों के कल्याण की अनदेखी नहीं की जा सकती और न्यायालय ऐसे मामलों में मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने केरल सरकार को निर्देश दिया है कि वह हाथी ‘रमन’ की कस्टडी अपने नियंत्रण में लेकर उसे किसी उपयुक्त पुनर्वास केंद्र में रखे।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान हाथी के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल पर गंभीर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि पहले से रोक संबंधी आदेश और न्यायालय के समक्ष दिए गए आश्वासन के बावजूद हाथी का धार्मिक आयोजनों और अन्य गतिविधियों में उपयोग किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘जानवरों की भलाई सर्वोपरि, चुप नहीं बैठ सकते’
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में आदेशों की अवहेलना को नजरअंदाज किया गया तो यह बेजुबान जानवरों के प्रति न्यायिक जिम्मेदारी निभाने में विफलता होगी। अदालत ने टिप्पणी की कि जानवरों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है और उनकी भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
केरल सरकार को सौंपी गई अस्थायी जिम्मेदारी
अदालत ने स्पष्ट किया कि हाथी की कस्टडी को लेकर दिया गया निर्देश फिलहाल अस्थायी व्यवस्था है और इस मामले में अंतिम फैसला बाद में सुनाया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि केरल सरकार अपने खर्च पर हाथी की देखभाल सुनिश्चित कर सकती है और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत आवश्यक प्रशासनिक कदम उठा सकती है।
अवमानना याचिका पर हुई सुनवाई
यह मामला जयकृष्ण मेनन की ओर से दाखिल अवमानना याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिका में दावा किया गया था कि ‘रमन’ माता अमृतानंदमयी मठ का हाथी है और उसकी देखभाल के लिए उसे अस्थायी रूप से कृष्णनकुट्टी को सौंपा गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कृष्णनकुट्टी को न्यायालय में दिए गए आश्वासन का उल्लंघन करने का दोषी माना। कोर्ट ने उसे अवमानना का दोषी ठहराते हुए 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
कृष्णनकुट्टी ने पेश किया था यह तर्क
कृष्णनकुट्टी का कहना था कि एक गिफ्ट डीड के जरिए हाथी उसे वैध रूप से सौंपा गया था और वह पिछले 10 से 12 वर्षों से उसकी देखभाल कर रहा है। हालांकि, अदालत ने उसके तर्कों को पर्याप्त नहीं माना। वहीं, राज्य के अधिकारियों को अवमानना के आरोपों से राहत देते हुए कहा गया कि उन्होंने हाथी की चिकित्सीय जांच कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए थे।
केरल का चर्चित और सबसे ऊंचा हाथी है ‘रमन’
करीब 10.53 फीट ऊंचाई वाला थेचिकोट्टुकावु रामचंद्रन, जिसे केरल में ‘रमन’ के नाम से भी जाना जाता है, राज्य के सबसे लोकप्रिय हाथियों में गिना जाता है। लगभग 60 वर्ष आयु वाला यह हाथी लंबे समय से धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र रहा है। उसकी ऊंचाई और लोकप्रियता के कारण वह पूरे केरल में विशेष पहचान रखता है।
