तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अप्रैल में हुए युद्धविराम के समाप्त होने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित सामरिक महत्व के चाबहार पोर्ट समेत करीब 90 ठिकानों पर बमबारी की। इसके जवाब में ईरान ने लगातार दूसरे दिन कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बढ़ते तनाव के बीच कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले का अलर्ट भी जारी किया गया है।
चाबहार पोर्ट और रेलवे ब्रिज पर हमला
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, चाबहार में कई जोरदार विस्फोट हुए, जिसके बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय लोगों ने लगातार धमाकों की आवाजें सुनने और आपातकालीन सेवाओं की टीमों को प्रभावित इलाकों की ओर जाते हुए देखने का दावा किया। इसके साथ ही गोलेस्तान प्रांत स्थित अक टेकेह खान रेलवे ब्रिज पर भी मिसाइल हमला किए जाने की खबर सामने आई है।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट
सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार पोर्ट भारत की रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। यह ईरान का एकमात्र गहरे समुद्र वाला बंदरगाह है, जिसकी सीधी पहुंच हिंद महासागर तक है। इस बंदरगाह के जरिए भारत को पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस तक व्यापारिक पहुंच मिलती है। यह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का भी अहम हिस्सा है। साथ ही, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के निकट स्थित होने के कारण इसे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
अमेरिका ने हमले की बताई वजह
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य उन सैन्य और समुद्री ढांचों को निशाना बनाना था, जिनका इस्तेमाल होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा सकता है। अमेरिकी सेना का दावा है कि अभियान के दौरान करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें जहाज घाट, समुद्री यातायात नियंत्रण टावर और कई सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि नागरिक बंदरगाह सुविधाओं और ऊर्जा अवसंरचना को नुकसान से बचाने का प्रयास किया गया।
कार्गो जहाजों पर हमले के बाद बढ़ी कार्रवाई
अमेरिका का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई होरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन मालवाहक जहाजों पर हुए हमले के बाद की गई है, जिसका आरोप उसने ईरान पर लगाया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जाता रहा तो अमेरिका की कार्रवाई और अधिक कठोर होगी।
ट्रंप का दावा, हर हमले का मिलेगा कई गुना जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना था कि यदि ईरान की ओर से हमला जारी रहा तो अमेरिका उससे कई गुना अधिक ताकत के साथ जवाब देगा। पूर्ण युद्ध की आशंका से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति बनी तो अमेरिका बहुत जल्दी जीत हासिल करेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता चाहता है, लेकिन उसे समझौते के पालन को लेकर संदेह है।
ईरान का पलटवार, कुवैत और बहरीन में बढ़ाई गई सतर्कता
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। कुवैत की सेना ने पुष्टि की कि देश का वायु रक्षा तंत्र सक्रिय कर दिया गया है और कई इलाकों में सायरन बजाए गए। वहीं, ईरानी संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को यह समझना होगा कि दबाव और वादाखिलाफी अब बिना किसी कीमत के संभव नहीं है।
