वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के करीबी साधक रिंकू सिंह रविवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए। रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके करीबी साधकों की गतिविधियों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रिंकू सिंह ने 200 से अधिक साधकों के साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा की। इस दौरान साधकों ने राधा वल्लभ, श्री हरिवंश और श्री वृंदावन श्री वन चंद्र के जयकारे लगाए।
नवरात्र के पहले दिन निकली साधकों की परिक्रमा
नवरात्र के प्रथम दिन रिंकू सिंह के नेतृत्व में साधकों का समूह वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा के लिए निकला। परिक्रमा मार्ग पर साधक नाम संकीर्तन करते हुए आगे बढ़े। पूरा वातावरण धार्मिक जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धाभाव से निकले साधकों को देखने के लिए रास्ते से गुजर रहे श्रद्धालुओं का भी ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ।
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी
संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके करीबी साधकों की सार्वजनिक गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई थीं। ऐसे समय में रिंकू सिंह का बड़ी संख्या में साधकों के साथ परिक्रमा में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले करीब तीन दिन पूर्व संत प्रेमानंद महाराज यमुना विहार से राधा केली कुंज पहुंचे थे। यहां उन्होंने दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद अपने गुरुदेव के आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया था।
8 अक्टूबर को आश्रम पहुंचे थे प्रेमानंद महाराज
बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज का आश्रम और उनका शिष्य परिकर पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में है। बीते गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने एकांत ध्यान किया। गुरु से आशीर्वाद लेने के बाद वह सुबह करीब छह बजे यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए।
भक्तों की भीड़ के बीच दिया प्रवचन
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए जुट गए। शिष्यों ने किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए, जिसका प्रसारण उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया।
रसिक दुलारी शरण की मौत के करीब 14 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए थे।
गर्वीली शरण को लेकर आश्रम ने जारी किया स्पष्टीकरण
वहीं, प्रेमानंद महाराज के शिष्य परिकर में मतभेद की चर्चाओं के बीच श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने गर्वीली शरण को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। ट्रस्ट ने कहा है कि गर्वीली शरण आश्रम से जुड़े हुए हैं और महाराज के निर्देशन में सेवाएं दे रहे हैं।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले कुछ दिनों से गर्वीली शरण को लेकर दुर्भावनापूर्ण बातें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं।
