लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को समय पर भरने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नई समय-सारणी तय कर दी है। अब हर साल एक अप्रैल तक स्कूलों में खाली होने वाले सभी पदों की गणना पूरी करनी होगी। इसके बाद 31 मई तक संबंधित भर्ती आयोगों को रिक्त पदों का अधियाचन भेजना अनिवार्य होगा।
एक अप्रैल तक होगी रिक्त पदों की गणना
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक शैक्षिक सत्र समाप्त होने के साथ ही उस वर्ष होने वाली निर्धारित सेवानिवृत्तियां प्रभावी हो जाती हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी शिक्षकों के पद खाली हो सकते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को समय पर शुरू करने के लिए रिक्त पदों की पहचान और उनका आकलन पहले से पूरा करना होगा।
सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह ने शिक्षा निदेशक को जारी निर्देश में कहा है कि भर्ती के लिए खाली पदों की समय से पहचान, उनका आकलन और संबंधित भर्ती आयोग को अधियाचन उपलब्ध कराना जरूरी है।
राजकीय स्कूलों के पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग को
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में खाली होने वाले पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज को भेजा जाएगा। विभाग की नई व्यवस्था के तहत इन रिक्तियों की जानकारी तय समय-सीमा के भीतर उपलब्ध करानी होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
एडेड स्कूलों के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों से समन्वय
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पदों का विवरण तैयार करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ समन्वय किया जाएगा। इसके बाद रिक्त पदों का अधियाचन निर्धारित समय-सीमा के भीतर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा।
इस प्रक्रिया में रिक्तियों का सही आकलन और समय पर अधियाचन भेजने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
समय पर भर्ती का उद्देश्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि नई समय-सारणी लागू करने का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को समय से भरना है। भर्ती प्रक्रिया को तय समय-सीमा में आगे बढ़ाने से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे हर साल खाली होने वाले पदों की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर रहेगा।
