उन्नाव,बांगरमऊ श्री विशंभर दयाल त्रिपाठी राजकीय महाविद्यालय, रसूलपुर रूरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. विश्वंभर दयाल त्रिपाठी की 127वीं जयंती पर संगोष्ठी आयोजित हुई। “स्वतंत्रता आंदोलन में पं. त्रिपाठी की भूमिका” विषय पर वक्ताओं ने उनके संघर्ष और त्याग को याद किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. कृष्ण कान्त दुबे ने की, संचालन अमित कुमार प्रजापति ने किया।
श्री विशंभर दयाल त्रिपाठी की 127 बी जयंती मनाई गई
प्राचार्य डॉ. दुबे ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग राष्ट्रीय चेतना का आधार है। उनकी जयंती की सार्थकता उनके आदर्शों को आचरण में उतारने में है। डॉ. नलिन कुमार सिंह ने कहा कि पं. त्रिपाठी ने जनजागरण और राष्ट्रसेवा में अहम भूमिका निभाई, उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है।
डॉ. नवनीत कौर ने कहा कि सेनानियों का संघर्ष सामाजिक जागरूकता के लिए भी था, उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। एनएसएस अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार शुक्ला ने कहा कि छात्रों को सेनानियों के जीवन से परिचित कराना जरूरी है। अमित कुमार प्रजापति ने पं. त्रिपाठी के जीवन को त्याग और जनसेवा का उदाहरण बताया। इस दौरान डॉ. अरविन्द कुमार, डॉ. अनुराग रावत, डॉ. पंकज मिश्रा ने भी विचार रखे। अंत में सभी ने शब्दांजलि व पुष्पांजलि अर्पित की।
