योगी सरकार ने भदोही के कालीन उद्योग को दिया बड़ा बाजार, बोले- हुनर को मिल रहे विकास और रोजगार के नए अवसर

भदोही में अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का आयोजन, 65 देशों के 430 आयातकों ने कराया पंजीकरण

भदोही: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भदोही के हुनर को विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही है। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश का निर्यात पिछले 10 वर्षों में 2.27 गुना बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उत्तर प्रदेश अब देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। राज्य के बढ़ते निर्यात में भदोही के कालीन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हाथों ने भदोही की कालीनों को दुनिया तक पहुंचाया, वही हाथ अब विकास और वैश्विक बाजार से जुड़ रहे हैं। हाथ से तैयार भदोही की कालीनों की दुनियाभर में सबसे अधिक मांग है और वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश के हुनर का सम्मान लगातार बढ़ रहा है।

1340 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वह कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से संवाद भी करेंगे। भदोही, औराई और ज्ञानपुर क्षेत्र के लिए 1340 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया जाएगा।

सरकार का जोर कारीगरों के हाथों को सम्मान देने, उद्यमों का विस्तार करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और विकास के संगम के जरिए भदोही को समृद्धि की नई पहचान दिलाने का संकल्प है।

चार दिवसीय कालीन मेले के लिए भदोही में खास तैयारी

इस बार चार दिवसीय कालीन मेला साल में एक बार आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले मार्च 2026 में इसका आयोजन दिल्ली में होना था, लेकिन दुनियाभर में बनी परिस्थितियों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद भदोही में ही मेले के आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गईं।

इस बार मेले की खास बात यह है कि इसमें ब्रिक्स देशों के 106 आयातकों ने पंजीकरण कराया है। इन सभी आयातकों के मेले में पहुंचने की उम्मीद है। कुल मिलाकर 65 देशों के 430 आयातकों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, एक्सपो मार्ट में 223 निर्यातकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां अलग-अलग तरह की बेहतरीन कालीनों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

महंगी से लेकर सस्ती कालीनों तक की प्रदर्शनी

मेले में महंगी कालीनों के साथ-साथ कम कीमत वाली कालीनों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके पीछे उद्देश्य भारतीय कालीनों की पहुंच को दुनियाभर के बाजारों में और मजबूत करना है। भदोही के कालीन उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस आयोजन से व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस आयोजन में रुचि भी उनके एक्स पर किए गए पोस्ट से स्पष्ट नजर आती है। सरकार का फोकस भदोही के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ने और कालीन उद्योग को नई ऊंचाई देने पर है।

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