शिष्य की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़ा बदलाव, केली कुंज में अनिश्चितकाल के लिए दीक्षा बंद

वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मानकर चल रही है। अब केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।

चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिष्य की मौत

रसिक दुलारी शरण की मौत 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। यह इमारत प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज की है और रसिक दुलारी यहां करीब तीन महीने से रह रहे थे। इस भवन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार भी रहते हैं।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे रसिक दुलारी शरण इसी इमारत की चौथी मंजिल पर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उनके शरीर के निजी अंग में भी गंभीर चोट की बात सामने आई थी। वहीं, रसिक दुलारी के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आश्रम में दीक्षा कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोका गया

रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। आश्रम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वृंदावन स्थित केली कुंज में नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। यह कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है।

इसके साथ ही टोकन के माध्यम से होने वाले दर्शन भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। आश्रम की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं।

शिष्यों की वेशभूषा को लेकर भी बदले नियम

30 सितंबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं को देखते हुए शिष्यों की वेशभूषा को लेकर कुछ नए और सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब केली कुंज से जुड़े सभी शिष्यों के लिए पहले की तरह सफेद और पीले रंग का अचला पहनना अनिवार्य नहीं होगा।

जानकारी के मुताबिक, जो शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, जैसे ठेला, दुकान या अन्य काम करते हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं।

सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी नए निर्देश

केली कुंज की सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है। वहीं सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को होगी, जो प्रेमानंद महाराज की सेवा या केली कुंज की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

आश्रम की ओर से जारी नई जानकारी में इन बदलावों को हाल की घटनाओं के बाद किए गए व्यवस्थागत बदलावों के तौर पर बताया गया है।

 

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