बुलंदशहर: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने सक्रिय राजनीति में उतरने की इच्छा जाहिर की है। बुलंदशहर में सोमवार को एक निजी कार्यक्रम में पहुंचीं शालिनी ने कहा कि समाज में पहचान किसी पार्टी या टिकट से नहीं, बल्कि नेतृत्व और जनता के लिए किए गए काम से बनती है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहता है तो वह निश्चित रूप से चुनाव मैदान में उतरेंगी।
शालिनी सिंह ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से नोएडा में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब वह राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी या विपक्ष को देखकर नहीं, बल्कि सही मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने में विश्वास रखती हैं। इस दौरान उन्होंने यूजीसी समेत विभिन्न मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
राजनीतिक परिवार में हुई है शालिनी की शादी
शालिनी सिंह का ससुराल भी राजनीतिक परिवार से जुड़ा है। उनकी शादी बिहार के आरा से पूर्व सांसद अजीत सिंह और पूर्व सांसद मीना सिंह के इकलौते बेटे विशाल सिंह से हुई है। शालिनी फिलहाल अपने परिवार के साथ नोएडा में रहती हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति से भी जुड़ी हुई हैं। हाल ही में उन्होंने संगठन की इसी शाखा का सर्वोच्च प्रशिक्षण भी लिया है।
पिता से लेकर दोनों भाई तक, पूरा परिवार राजनीति में सक्रिय
शालिनी सिंह के पिता, मां और दोनों भाई पहले से राजनीति में सक्रिय हैं। बृजभूषण शरण सिंह का दशकों से राजनीति में प्रभाव रहा है। वह कैसरगंज से छह बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने 1991 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था और इसके बाद कई चुनावों में कैसरगंज क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
गोंडा से सांसद रह चुकी हैं शालिनी की मां
शालिनी सिंह की मां और बृजभूषण शरण सिंह की पत्नी केतकी देवी सिंह भी राजनीति में सक्रिय रही हैं। उन्होंने 1996 में गोंडा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। इसके बाद परिवार की राजनीतिक विरासत अगली पीढ़ी तक भी पहुंची।
बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बेटे प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। वह 2017 से विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं छोटे बेटे करण भूषण सिंह 2024 में कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
राजनीति के साथ खेल से भी परिवार का पुराना जुड़ाव
करण भूषण सिंह राजनीति के साथ खेल से भी जुड़े रहे हैं। वह राष्ट्रीय स्तर के डबल ट्रैप निशानेबाज रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बृजभूषण शरण सिंह की जगह करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर संसद में प्रवेश किया।
एक ओर बृजभूषण शरण सिंह के दोबारा संसद जाने की तैयारी की चर्चा है, वहीं शालिनी सिंह के सक्रिय राजनीति में उतरने की इच्छा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। संघ की महिला शाखा से उनके जुड़ाव को देखते हुए उनके भाजपा के साथ राजनीतिक पारी शुरू करने की संभावना भी जताई जा रही है।
