कानपुर में गर्भवती युवती की मौत पर दो प्रेमियों पर हत्या का केस, गर्भ में पल रहा बच्चा किसका? DNA से खुलेगा राज

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांच माह की गर्भवती युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। गुरुवार को पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ स्थित एक बगीचे में 25 वर्षीय अविवाहित युवती का शव मिला था। युवती के पिता ने उसके दो प्रेमियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं। युवती के गर्भ में पल रहा बच्चा किसका था, यह पता लगाने के लिए दोनों आरोपियों के डीएनए नमूनों का मिलान कराया जाएगा।

बगीचे में मिला था युवती का शव, माथे पर बिंदी और पैरों में नई बिछिया

गुरुवार सुबह बगीचे में युवती का शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस के अनुसार, युवती के चेहरे पर लिपस्टिक से मांग भरी गई थी। उसके माथे पर बिंदी लगी थी और पैर की तीसरी उंगली में नई बिछिया मिली थी। देर शाम सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की बात सामने आई। जांच में यह भी पता चला कि वह पांच माह की गर्भवती थी।

दो प्रेमियों के खिलाफ दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा

घटना के बाद देर रात युवती के पिता ने पतारा निवासी 50 वर्षीय गोले पांडेय और फतेहपुर के जहानाबाद निवासी प्रांजुल पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले बुधवार को युवती की दोनों आरोपियों से फोन पर कई बार बातचीत हुई थी।

जांच के मुताबिक, जहरीला पदार्थ खाने के बाद गोले पांडेय ही युवती को इलाज के लिए हैलट अस्पताल लेकर गया था। वहीं हिरासत में लिए गए प्रांजुल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसका ननिहाल पतारा क्षेत्र के एक गांव में है। वहां आने-जाने के दौरान उसे युवती का मोबाइल नंबर मिला था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में प्रेम संबंध बन गए।

प्रांजुल के अनुसार, घटना वाले दिन युवती ने उससे रुपये मांगे थे। रुपये नहीं देने पर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।

नौकरी दिलाने के बहाने युवती के करीब आया था गोले

पुलिस की जांच में दोनों आरोपियों से युवती के संबंधों को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। बताया गया कि युवती के पिता ने गोले पांडेय का खेत बटाई पर ले रखा था। इसी वजह से गोले का युवती के घर आना-जाना था और इसी दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए।

परिजनों के मुताबिक, गोले पांडेय की पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी है और उसकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है। उसने युवती को कानपुर मेट्रो में नौकरी दिलाई थी और रामादेवी इलाके में एक मकान किराये पर लेकर रहने की व्यवस्था भी की थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

प्रांजुल पर शादी का दबाव बना रही थी युवती

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि युवती गोले पांडेय से शादी नहीं करना चाहती थी, क्योंकि उसकी उम्र उससे काफी अधिक थी। वह प्रांजुल से शादी करना चाहती थी और उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन प्रांजुल इसके लिए तैयार नहीं था।

प्रांजुल कानपुर देहात के रनियां क्षेत्र की एक फैक्ट्री में 12 हजार रुपये महीने की नौकरी करता है और बिधनू निवासी अपने बहनोई के घर रहता है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन युवती और प्रांजुल के बीच करीब 1400 सेकंड तक फोन पर बातचीत हुई, जबकि गोले पांडेय से करीब 600 सेकंड बातचीत हुई थी।

गर्भ में पल रहा बच्चा किसका था, DNA से होगा खुलासा

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल युवती के गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर है। पुलिस के मुताबिक, युवती के दोनों आरोपियों से संबंध होने की बात सामने आई है। ऐसे में गर्भस्थ शिशु का पिता कौन था, यह जानने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी।

पुलिस दोनों आरोपियों के डीएनए नमूने लेकर उनका मिलान कराएगी। हिरासत में लिया गया प्रांजुल भी गर्भस्थ शिशु के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका है। एसीपी ने बताया कि डीएनए जांच के जरिए इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

11 जुलाई को घर से निकली थी युवती

पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि युवती को 11 जुलाई को उसके परिवार ने घर से निकाल दिया था। गर्भवती होने के कारण वह परेशान थी। जांच में सामने आया कि गोले पांडेय उसकी मदद कर रहा था, जबकि प्रांजुल की ओर से उसे मदद नहीं मिल रही थी।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से जुड़े तथ्यों, फोन पर हुई बातचीत और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एक आरोपी पुलिस हिरासत में है, जबकि दूसरे की तलाश में चार टीमें लगाई गई हैं। मामले में डीएनए जांच और पुलिस की आगे की जांच से कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

 

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