योगी सरकार का बड़ा फैसला! पीएम पोषण योजना के कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा, रिटायरमेंट 62 साल, मानदेय बढ़ा और नई नियुक्तियों को भी मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम पोषण योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की प्रबंधकारिणी बैठक में योजना से जुड़े कर्मचारियों को राहत देने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के कई प्रस्ताव मंजूर किए गए। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइयों की सेवानिवृत्ति आयु अब 62 वर्ष होगी। साथ ही उनके कार्यकाल और अन्य कर्मचारियों के मानदेय व सेवा शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं।

रसोइयों की सेवा अवधि बढ़ी, सत्र समाप्ति तक करेंगे कार्य

बैठक में तय किया गया कि मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइये शिक्षकों की तरह शैक्षणिक सत्र समाप्त होने तक कार्य करते रहेंगे। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले नए रसोइयों का चयन पूरा किया जाएगा। इस फैसले के साथ रसोइयों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।

मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि को मिली मंजूरी

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के तहत कार्यरत सिस्टम एनालिस्ट, मंडल समन्वयक, जिला समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है। वर्ष 2016 के बाद पहली बार इन कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।

संविदा कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा तय

सरकार ने सिस्टम एनालिस्ट, समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संविदा कर्मचारियों के लिए अधिकतम कार्य आयु 60 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में सहायक निदेशक के चार पदों पर शिक्षा विभाग के साथ-साथ केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, अन्य राज्यों और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

अब हर शुक्रवार मिलेगा सूजी का हलवा

बैठक में विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पीएम पोषण योजना में सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने का फैसला भी लिया गया। इसके तहत अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार कुल 14 विद्यालय दिवसों में छात्रों को सूजी का हलवा परोसा जाएगा। इनमें सात दिन मीठा और सात दिन नमकीन हलवा शामिल रहेगा। हलवा तैयार करने के लिए रसोइयों को प्रति छात्र प्रति कार्य दिवस 2 रुपये का अतिरिक्त पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।

खाद्य प्रसंस्करण के आठ निवेश प्रस्तावों को भी हरी झंडी

बैठक में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत प्राप्त आठ नए निवेश प्रस्तावों को भी अप्रेजल समिति ने मंजूरी दी। लगभग 15.08 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले इन प्रस्तावों को अब राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इन परियोजनाओं में नमकीन, ब्रेड एवं रस्क, सोया आधारित उत्पाद, पास्ता, पोल्ट्री फीड, अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के साथ ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना और विस्तार से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

 

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