हैदराबाद/नई दिल्ली: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भविष्य में ऐसा कदम उठा सकते हैं, जैसा पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने उठाया था, और वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाकर वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की, जो लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने इसे कांग्रेस की रणनीतिक गलती बताया और कहा कि इसका राजनीतिक असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
2028-29 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
धर्मपुरी अरविंद ने आगे दावा किया कि 2028-29 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले भी 1985 और 1994 में पार्टी को बड़ी हार झेलनी पड़ी थी और आने वाले चुनाव में भी ऐसा ही राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकता है।
पीएम मोदी के बयान का भी जिक्र
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया हैदराबाद दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा के साथ आने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था, “आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे, बेहतर है कि आप मुझसे ही जुड़ जाएं।”
इस टिप्पणी पर रेवंत रेड्डी ने मंच पर मुस्कुराकर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था।
तेलंगाना में तेज होगी सियासत
धर्मपुरी अरविंद ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में तेलंगाना की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और भाजपा के सत्ता में आने की संभावनाएं मजबूत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं के रुख में बदलाव की अटकलें राजनीति में नए समीकरण बना सकती हैं।
