उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक पति पर अपनी पत्नी को गंगा की तेज धारा में फेंकने का आरोप लगा है। घटना सफीपुर थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम ससुराल से पत्नी को लेकर लौट रहे पति का परियर-बिठूर पुल पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान उसने पत्नी को गंगा में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पति को पकड़ लिया। महिला की तलाश अब भी जारी है।
रास्ते में हुआ विवाद, फिर गंगा में फेंकने का आरोप
पुलिस के मुताबिक बिठूर थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव निवासी 20 वर्षीय सुजीत राजपूत पुत्र रामखेलावन की शादी 14 दिसंबर 2024 को 19 वर्षीय ऊषा से हुई थी। ऊषा का मायका सफीपुर थाना क्षेत्र के मरौंदा मंझवारा गांव में है। कुछ दिन पहले सुजीत का साढ़ू नव निर्मित मकान की बीम से गिर गया था। हादसे में उसके हाथ में चोट आई थी और वह ससुराल में रहकर उपचार करा रहा था।
शुक्रवार को सुजीत अपनी पत्नी ऊषा को लेकर उसके मायके पहुंचा था। वहां उसने अपने साढ़ू का हालचाल जाना। शाम करीब सात बजे दोनों वापस लौट रहे थे। आरोप है कि परियर-बिठूर पुल पर पहुंचने के बाद पति-पत्नी के बीच अवैध संबंधों के शक को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के बाद सुजीत ने कथित तौर पर ऊषा को गंगा की तेज धारा में फेंक दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस को एक युवक द्वारा अपनी पत्नी को गंगा में फेंकने की सूचना मिली थी, जिसके बाद युवक को पकड़ लिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है।
तेज बहाव और अंधेरे के कारण नहीं मिल सकी महिला
गंगा में इन दिनों पानी का बहाव तेज है। महिला को नदी में फेंके जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराने का प्रयास किया, लेकिन देर रात और तेज बहाव के कारण गोताखोरों ने नदी में उतरने से इनकार कर दिया। अंधेरा होने के कारण पुलिस भी रात में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान नहीं चला सकी।
पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह दोबारा महिला की तलाश कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। महिला के नदी में गिरने की पुष्टि और उसके बरामद होने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
