बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मण्डलायुक्त विमल दुबे के सम्मान में आयोजित हुआ गरिमामय समारोह
झाँसी। हर समस्या का समाधान संभव है। आवश्यकता केवल रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और सेवा के प्रति समर्पण की है। संवेदनशीलता, सहजता और प्रेम लोकसेवा के ऐसे मूल आधार हैं, जो प्रशासनिक दायित्वों को सार्थक बनाते हैं। किसी व्यक्ति के कल्याण की कामना करना भी अपने आप में सेवा का एक महत्वपूर्ण स्वरूप है। यह विचार झाँसी मण्डल के मण्डलायुक्त विमल दुबे ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के कॉन्फ्रेंस कमेटी हॉल में उनके सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
अपने विदाई पूर्व आयोजित सम्मान समारोह में मण्डलायुक्त विमल दुबे ने अपने प्रशासनिक सेवाकाल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बात यही सीखी है कि जीवन और प्रशासन में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान संभव न हो। आवश्यकता है समस्याओं को सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण से देखने की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि जनसेवा, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का माध्यम है।
यदि हमारे भीतर दूसरों की सहायता करने की सच्ची भावना है, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी समाधान के रास्ते निकल आते हैं। संवेदनशीलता, सहजता और प्रेम ही लोकसेवा की वास्तविक पहचान है।
मण्डलायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक सेवा की वास्तविक सफलता केवल योजनाओं के क्रियान्वयन या उपलब्धियों के आँकड़ों में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन में निहित होती है, जिनके लिए हम कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि सहज व्यवहार, मानवीय संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति शुभेच्छा व्यक्ति को बेहतर प्रशासक होने के साथ बेहतर इंसान भी बनाती है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के साथ अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए मण्डलायुक्त विमल दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में उनका प्रथम आगमन पुस्तक मेले के अवसर पर हुआ था। उस समय से लेकर आज तक विश्वविद्यालय में आना उनके लिए सदैव सुखद और आत्मीय अनुभव रहा है। यहाँ के शिक्षकों, अधिकारियों और विश्वविद्यालय परिवार से मिला स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय है।
उन्होंने कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में संचालित विकास कार्यों और सकारात्मक शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहभागिता, समर्पण और सकारात्मक नेतृत्व के बल पर विश्वविद्यालय भविष्य में उपलब्धियों के अनेक नए शिखर प्राप्त करेगा।
विश्वविद्यालय परिवार द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के लिए लोगों का विश्वास, स्नेह और सम्मान उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। विश्वविद्यालय परिवार द्वारा मिले इस आत्मीय सम्मान से वह अभिभूत हैं।
समारोह के दौरान मण्डलायुक्त विमल दुबे की धर्मपत्नी एवं साहित्यकार रचना विमल का भी विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सम्मान किया गया। उनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष आत्मीयता प्रदान की।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मण्डलायुक्त विमल दुबे के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर मण्डलायुक्त के प्रति सम्मान और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि मण्डलायुक्त विमल दुबे ने झाँसी मण्डल का कार्यभार संभालने के बाद से क्षेत्र के विकास और झाँसी शहर के कायाकल्प में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व और सक्रिय प्रशासनिक दृष्टिकोण से विभिन्न सरकारी योजनाओं, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), स्मार्ट सिटी मिशन तथा एक्सप्रेसवे से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को गति मिली है।
कुलपति ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की वास्तविक पहचान केवल उसके पद या अधिकारों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, निर्णय क्षमता और जनसामान्य के प्रति संवेदनशीलता से होती है। इस दृष्टि से मण्डलायुक्त विमल दुबे का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी है। इतने महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी उनकी विनम्रता, शालीनता, सहजता और सकारात्मक दृष्टिकोण ने सभी को प्रभावित किया है।
प्रो. पाण्डेय ने कहा कि मण्डलायुक्त विमल दुबे की दूरदर्शिता, कर्मठता और कार्यकुशलता के साथ उनका प्रसन्नचित्त स्वभाव और सभी के साथ समन्वय स्थापित करने की क्षमता उन्हें विशिष्ट बनाती है। प्रशासनिक दृढ़ता और मानवीय संवेदनशीलता का ऐसा सुंदर समन्वय विरले ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त की कार्यशैली ने न केवल विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान की, बल्कि जनमानस के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है।
कुलपति ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को भी समय-समय पर मण्डलायुक्त विमल दुबे का सकारात्मक सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। विश्वविद्यालय परिवार उनके सहयोग, आत्मीयता और सद्भावना को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने मण्डलायुक्त के उज्ज्वल भविष्य और आगामी दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार ने मण्डलायुक्त विमल दुबे की प्रशासनिक उपलब्धियों और विश्वविद्यालय के प्रति उनके सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त ने विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न विषयों पर सदैव सकारात्मक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया। उनकी सहज उपलब्धता, संवेदनशीलता और कार्यों के त्वरित समाधान की प्रवृत्ति प्रशासनिक कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि मण्डलायुक्त विमल दुबे का प्रशासनिक जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी सकारात्मक सोच और कार्य करने की शैली से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने मण्डलायुक्त के भावी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने मण्डलायुक्त की कर्तव्यपरायणता, प्रशासनिक दक्षता और कार्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन सदैव गंभीरता, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ किया है। उनकी कार्यकुशलता और समस्याओं के समाधान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अनुकरणीय है।
कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील काबिया, प्रो. मुन्ना तिवारी तथा प्रो. डी.के. भट्ट और डॉ अचला पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने झाँसी मण्डल के विकास, प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को समय-समय पर प्रदान किए गए सहयोग के लिए मण्डलायुक्त विमल दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका सहज व्यक्तित्व, सकारात्मक सोच और जनहित के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
