देहरादून: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने इंजीनियरिंग और दूसरी प्रोफेशनल पढ़ाई छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखा और बड़ा नाम कमाया। लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी रहा, जिसने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में फिल्मों में आकर डर और खौफ का दूसरा नाम बन गया। अपनी लंबी कद-काठी और डरावने चेहरे की वजह से यह अभिनेता हॉरर फिल्मों में मेकर्स की पहली पसंद बन गया था। यह अभिनेता थे अनिरुद्ध अग्रवाल, जिन्हें हिंदी फिल्मों का ‘शैतान’ तक कहा जाने लगा था।
अनिरुद्ध अग्रवाल एक दौर में हॉरर फिल्मों का बड़ा चेहरा माने जाते थे। खासतौर पर रामसे ब्रदर्स की फिल्मों में उनका किरदार दर्शकों के बीच दहशत पैदा कर देता था। उन्होंने साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘पुराना मंदिर’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने राक्षस का किरदार निभाया था और यहीं से उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई।
IIT रुड़की से इंजीनियरिंग कर पहुंचे मुंबई
1949 में देहरादून में जन्मे अनिरुद्ध अग्रवाल पढ़ाई में काफी तेज माने जाते थे। परिवार की इच्छा के अनुसार उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई चुनी और IIT रुड़की से शिक्षा हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई पहुंचे और अभिनय की दुनिया में अपना करियर बनाने की कोशिश शुरू कर दी।
हालांकि, इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया। उन्हें एक दुर्लभ बीमारी हो गई, जिसने उनकी पूरी शारीरिक बनावट बदल दी। पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर होने की वजह से उनकी लंबाई असामान्य रूप से बढ़ने लगी और चेहरे की संरचना भी बदल गई। यही बदलाव आगे चलकर उनके फिल्मी करियर की पहचान बन गया।
बिना मेकअप के निभाते थे शैतान का किरदार
अनिरुद्ध अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘पुराना मंदिर’ में शैतान का किरदार निभाने के लिए उन्हें ज्यादा मेकअप की जरूरत ही नहीं पड़ी थी। रामसे ब्रदर्स ने उन्हें पहली नजर में देखकर ही फिल्म के लिए चुन लिया था। मेकर्स का मानना था कि उनका चेहरा और व्यक्तित्व अपने आप में इतना अलग और प्रभावशाली है कि स्क्रीन पर डर पैदा करने के लिए अतिरिक्त मेकअप की आवश्यकता नहीं है।
‘बंद दरवाजा’ से लेकर ‘मेला’ तक छोड़ी छाप
अनिरुद्ध अग्रवाल ने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों में काम किया। ‘पुराना मंदिर’ के अलावा वह ‘बंद दरवाजा’, ‘त्रिमूर्ति’, ‘गुब्बारे’, ‘मेला’ और ‘तलाश: द हंट बिगिंस’ जैसी फिल्मों में नजर आए। आमिर खान की चर्चित लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही फिल्म ‘मेला’ में भी उन्होंने काम किया था। वहीं अक्षय कुमार की फिल्म ‘तलाश: द हंट बिगिंस’ का भी वह हिस्सा रहे।
हालांकि, समय के साथ वह फिल्मी दुनिया से दूर हो गए, लेकिन हिंदी हॉरर फिल्मों के दौर की चर्चा आज भी उनके बिना अधूरी मानी जाती है। उनकी डरावनी स्क्रीन प्रेजेंस और अलग व्यक्तित्व ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे यादगार ‘शैतान’ किरदारों में शामिल कर दिया।
