“Vande Mataram Controversy – 150 साल बाद भी विवाद ज़िंदा!”

भारत का राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” 150 साल का हो गया — देशभर में कार्यक्रम हुए, पीएम मोदी ने स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया, लेकिन मुंबई में इस गौरवमयी अवसर पर राजनीति का पुराना राग फिर बज उठा है। अबू आजमी का बयान – “वंदे मातरम नहीं बोलेंगे मुसलमान” समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा — “कोई मुझसे वंदे मातरम नहीं बुलवा सकता। मुसलमान सूरज या जमीन की पूजा नहीं करता, इस्लाम में सिर्फ अल्लाह की इबादत होती है।” उन्होंने यह भी कहा कि “जैसे आप…

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“50 साल भी रह लो… घर मालिक का ही रहेगा!” — सुप्रीम फटकार

देश की सर्वोच्च अदालत ने हाल ही में ज्योति शर्मा बनाम विष्णु गोयल (कर्नाटक) केस में ऐसा फैसला सुनाया है, जो देशभर के किरायेदारों और मकानमालिकों के लिए नज़ीर बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा — “किरायेदार मालिक की अनुमति से रहता है, इसलिए Adverse Possession (प्रतिकूल कब्जे) का सिद्धांत लागू नहीं होता।” यानि, अगर आप किसी मकान में सालों से किराए पर रह रहे हैं, तब भी उस संपत्ति के मालिक नहीं बन सकते! क्या था मामला? कर्नाटक में किरायेदार ज्योति शर्मा ने दावा किया कि वह…

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देश के 53वें CJI? कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत

केंद्र सरकार ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश (CJI) की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान CJI बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर होंगे, और उनके बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस सूर्यकांत अगले CJI बनने जा रहे हैं। नियमों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में CJI की नियुक्ति सबसे वरिष्ठ जज को ही दी जाती है, जिन्हें पद के लिए सबसे उपयुक्त माना जाए। इसके लिए केंद्रीय कानून मंत्री वर्तमान CJI से उनके उत्तराधिकारी के लिए सिफारिश मांगेंगे। जस्टिस सूर्यकांत का जन्म और शिक्षा जस्टिस सूर्यकांत का…

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दिवाली की रात मिलेगी पटाखों की ‘बेल’? कोर्ट के दरवाज़े से आई उम्मीद!

हर साल दिवाली से पहले एक ही सवाल सबके ज़ेहन में आता है – “इस बार पटाखे फूटेंगे या सिर्फ दिल?”और अब, लगता है सुप्रीम कोर्ट ने कुछ देर के लिए दिलों की सुनी है। दिल्ली-NCR समेत चार राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से रिक्वेस्ट की है कि इस बार “Happy Diwali” सिर्फ WhatsApp स्टेटस पर नहीं, आसमान में भी दिखे।इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बीआर गवई और विनोद चंद्रन की बेंच ने फैसला सुरक्षित रखा है। लेकिन बातों-बातों में “कुछ घंटों की ग्रीन लाइट” का इशारा दे दिया है।…

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Supreme Shoe Drama: “सनातन रक्षक” रूप या न्याय की अवमानना?

भारत के सुप्रीम कोर्ट में सोमवार सुबह कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। जहां कानून का राज चलता है, वहां एक वकील ने खुद को “सनातन का सिपाही” समझते हुए सीधा जूता CJI की ओर उछाल दिया। शुक्र है कि सुरक्षाकर्मियों की फुर्ती ने हालात को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया। क्या हुआ कोर्टरूम में? CJI बी.आर. गवई की अध्यक्षता में बेंच जब सुनवाई कर रही थी, तभी एक वकील ने अपनी मर्यादा तोड़ते हुए जूता निकालकर फेंकने की कोशिश की। वह चिल्लाता रहा:…

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Waqf Sanshodhan Adhiniyam 2025 पर सुप्रीम ब्रेक!

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए अंतरिम आदेश को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने ‘बड़ी राहत’ बताया है। प्रतापगढ़ी इस मामले के प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस क़ानून को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी। उनका कहना है कि, “सरकार की मंशा पर सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगाया है। लाखों लोगों को राहत मिली है जो डर में जी रहे थे कि उनकी ज़मीनें छीनी जाएंगी।” क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने पूरा कानून रद्द नहीं किया,…

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“बाढ़ आई नहीं, लाई गई है!” — सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार!

उत्तर भारत में 2025 का मॉनसून, बारिश कम और तबाही ज़्यादा लेकर आया। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस “नेचुरल डिजास्टर” को “मैन-मेड डिजास्टर” कहकर पूरे मुद्दे की दिशा ही बदल दी है। CJI BR गवई बोले: “पहली नजर में तो ऐसा लग रहा है जैसे पेड़ों की सामूहिक हत्या हुई है।” यानी कि, बाढ़ नहीं आई… हम खुद बुला लाए थे — अवैध कटाई और लापरवाह प्लानिंग से। चार राज्यों और केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की चिट्ठी सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को कहा है:…

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बंगाली बोले, तो बांग्लादेशी? सुप्रीम कोर्ट बोला- पहले साबित तो करो!

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से सफाई मांगी कि क्या सिर्फ बंगाली भाषा बोलने पर किसी को विदेशी मानकर हिरासत में लिया जा सकता है? किस बात पर उठी याचिका? यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब कुछ प्रवासी मुस्लिम मज़दूरों को, जो पश्चिम बंगाल से हैं, बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में गुजरात में हिरासत में ले लिया गया। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि नागरिकता की कानूनी पुष्टि किए बिना ही उन्हें डिटेन कर…

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मणिपुर ऑडियो लीक विवाद: CoTU ने एन. बीरेन सिंह पर कार्रवाई की मांग की

सदर हिल्स स्थित आदिवासी एकता समिति (CoTU) ने मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से संबंधित लीक हुए ऑडियो टेप्स को लेकर गहरी चिंता जताई है। इन टेप्स में कथित तौर पर आदिवासी समुदायों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियां की गई हैं, जिनका सीधा संबंध मई 2023 में हुए जातीय संघर्ष से जोड़ा जा रहा है। CoTU का दावा है कि इन ऑडियो रिकॉर्डिंग्स की ट्रुथ लैब्स फोरेंसिक साइंस सर्विसेज द्वारा जांच की गई है, और 93% संभावना है कि ये टेप्स प्रामाणिक हैं। “कानून का राज कायम रहना चाहिए”…

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SIR बोले: मैं दोषी नहीं! सुप्रीम कोर्ट बोले: बिहार को गाली नहीं

SIR (Systematic Investigation of Voters) को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत में गर्मागरम बहस हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि “SIR वोटर फ्रेंडली है, ये किसी के खिलाफ नहीं!” — साथ में ये भी कहा, “बिहार को बेवजह बदनाम मत करो, वहां के लोग IAS-IPS बनाने में टॉप पर हैं!” जस्टिस बागची की चाय में नींबू नहीं, लॉजिक था! सुनवाई के दौरान वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में चाय के साथ कड़क तर्क रखे: “बिहार में जिन 11 दस्तावेज़ों की मांग SIR करता है,…

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