पटना: राजधानी पटना में चर्चित शिक्षण संस्थान के बाहर हुए फायरिंग मामले को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मामले में एफआईआर दर्ज होने और निजी सुरक्षा गार्डों की गिरफ्तारी के बाद अब छात्रों का एक वर्ग खुलकर विरोध में उतर आया है। देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर मौजूद रहे और पुलिस से मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की मांग करते रहे।
जानकारी के मुताबिक, 2 जून की रात हुए फायरिंग कांड में कोचिंग संचालक, उनके दो सुरक्षा गार्डों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब आगे की पुलिस कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
देर रात तक बना रहा तनाव का माहौल
घटना के बाद कोचिंग संस्थान के बाहर छात्रों की भीड़ जुटी रही। पुलिस कई बार मौके पर पहुंची और छात्रों से वहां से हटने की अपील करती रही। हालांकि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहे। इलाके में देर रात तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
इसी बीच छात्रों को यह सूचना भी मिली कि शनिवार को सीमित अवधि के लिए कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जिसके बाद कई छात्र वहीं डटे रहे।
‘पढ़ाई प्रभावित हो रही है’
मौके पर मौजूद छात्रों का कहना है कि पूरे विवाद का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई छात्र दूसरे जिलों और राज्यों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पटना आए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा नजदीक है और ऐसे माहौल में पढ़ाई बाधित हो रही है।
छात्रों ने पुलिस से अपील की कि मामले को जल्द शांत कराया जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो। उनका कहना है कि कानून अपना काम करे, लेकिन शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित नहीं होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 2 जून की रात कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित कोचिंग संस्थान के बाहर विवाद और हंगामे की स्थिति बनी थी। आरोप है कि कुछ लोग संस्थान के बाहर पहुंचे और वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों के साथ झड़प हुई। इसके बाद हालात बिगड़ गए और फायरिंग की घटना सामने आई।
जांच के दौरान गिरफ्तार सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि भीड़ के हंगामे के बीच उन्होंने गोली चलाई थी। पुलिस का आरोप है कि फायरिंग से आम लोगों में भय और दहशत फैलाने की कोशिश हुई।
पुलिस जांच जारी
मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
