“SIR पर संसद में सर-फुटौव्वल! राहुल vs शाह… गर्मी दिसंबर में भी बरकरार”

SIR (Sanitised Integrated Roll) पर चर्चा शुरू हुई ही थी कि राहुल गांधी ने सीधा वार कर दिया—“अमित शाह जी, अगर दम है तो SIR पर फ्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिखाइए!” बस फिर क्या था—हवा थोड़ी गर्म, माहौल थोड़ा तना… और शाह जी का माइक्रोफोन संभालते ही टेंपरचर फुल। अमित शाह का पलटवार—“मेरी स्पीच का टाइम मैं तय करूँगा” अमित शाह ने जवाब में कहा, “मेरी स्पीच का क्रम कोई और तय नहीं करेगा, मैं बोलूंगा अपने हिसाब से!” इसके बाद उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे तंज कसे।…

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राहुल ने लगाये आरोप, बीजेपी ने कैसे किया पलटवार- कटघरे में UPA

लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन SIR और चुनाव सुधार पर चर्चा हुई। माहौल बिल्कुल उसी तरह गर्म था जैसे एल्यूमीनियम फॉयल में रखी परांठी—बाहर से ठंडी, अंदर से धधकती। राहुल गांधी ने एक बड़ा सवाल उछाला—“चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाली कमेटी से CJI को क्यों हटाया गया?” इसके बाद BJP ने मौका पकड़ा और सीधा पलटवार किया— “राहुल, UPA में कब CJI वाली कमेटी से चुनाव आयुक्त चुने गए थे?” राहुल गांधी के आरोप: “संस्थाओं पर कब्ज़ा” राहुल गांधी ने संसद में कई गंभीर आरोप लगाए— 1. CJI को…

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“CJI क्यों हटाया? EC को Immunity क्यों? Rahul का Triple Attack!”

लोकसभा का माहौल मंगलवार को थोड़ा debate mode ON हुआ जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर एक के बाद एक तीर छोड़ दिए. उनका निशाना—इलेक्शन कमीशन, CJI, और सरकार द्वारा लाए गए नए कानून. CJI को सिलेक्शन पैनल से हटाने पर राहुल गांधी का बड़ा सवाल राहुल गांधी ने सरकार से पूछा- “CJI को पैनल से क्यों हटाया गया? क्या हमें भारत के चीफ जस्टिस पर भरोसा नहीं है?” यह पैनल वही है जो CEC और Election Commissioners की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश करता…

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“राज्यसभा में उठा स्वरों का तूफ़ान: वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, ‘हीट’ भी!”

संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार का दिन पूरी तरह वंदे मातरम् की गूंज से भरा रहा। राज्यसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा— “वंदे मातरम एक गीत नहीं, बल्कि आजादी, चेतना और मां भारती के प्रति समर्पण का शक्तिशाली मंत्र है।” उन्होंने कहा कि इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह भारत की पहचान और गौरव का हिस्सा है। “जिन्हें समझ नहीं आ रहा… वो अपनी समझ पर विचार करें”—शाह का तंज चर्चा पर सवाल उठाने वालों…

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“वंदे मातरम् —शाह का तीर, खड़गे का जवाब और सदन में महाभारत!”

संसद का शीतकालीन सत्र इस बार ठंड से कम और राजनीति की गर्मी से ज़्यादा प्रभावित दिख रहा है। SIR, BLO की मौतों से लेकर Indigo crisis तक—हर मुद्दे पर हंगामा हो रहा है। और आज तो वंदे मातरम् ने सदन का बारometer ही बढ़ा दिया। Amit Shah का अटैक मोड: “वंदे मातरम् का विरोध कांग्रेस के DNA में” राज्यसभा में चर्चा शुरू करते ही गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे इतिहास में छलांग लगा दी। उनका कहना था— “नेहरू जी ने वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर दिए। तुष्टिकरण…

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“Sidhu Comeback? पहले CM Face बनाओ, फिर देखो जादू!”

2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई दे रही है, और इसी बीच नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीति में वापसी का सवाल फिर सुर्खियों में है।राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद बाहर आते ही नवजोत कौर सिद्धू को मीडिया ने घेर लिया—और सवाल वही पुराना:“Sidhu ji कब राजनीति में एक्टिव होंगे?” “CM Face बना दो… तब Sidhu एक्टिव होंगे!” – नवजोत कौर की दोटूक नवजोत कौर ने बिना किसी घुमावदार जवाब के साफ कहा— “जब कांग्रेस नवजोत सिद्धू को CM फेस घोषित करेगी, तब वो…

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“थरूर साहब— BJP से दूरी या बस शब्दों की Gymnastics?”

भारत की राजनीति जितनी जटिल है, उतनी ही दिलचस्प भी। और उसमें अगर नाम शशि थरूर का हो तो मसाला अपने आप बढ़ जाता है। हाल के दिनों में थरूर के कुछ बयान, कुछ तस्वीरें और कुछ “पॉलिटिकल बॉडी लैंग्वेज” ने यह सवाल गर्म कर दिया— क्या थरूर कांग्रेस से दूर जा रहे हैं? या बीजेपी धीरे-धीरे उनके करीब? थरूर: कांग्रेस में, मगर अपनी लय में थरूर की खासियत यह है कि वो कांग्रेस में रहते हुए भी अक्सर “कांग्रेस की आधिकारिक लाइन” से थोड़ा अलग सुर निकाल देते हैं।…

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चापलूसों के लिए जब कांग्रेस ने अपने ही युवाओं को गलौटी कबाब बना डाला

सचिन से सिंधिया—सियासत की वो कहानियाँ जो चुभती भी हैं और हंसाती भी। कहा जाता है कि कांग्रेस कभी वफादारी का ईनाम देती थी। मगर आज की कांग्रेस में मामला उल्टा होता दिखता है—वफादार नेता मेनकोर्स में नहीं, बल्कि गलावटी कबाब बनकर बुजुर्ग नेताओं की थाली की शोभा बढ़ा रहे हैं। सचिन पायलट: मेहनत उन्हीं की, गलौटी कबाब किसी और की राजेश पायलट के सपूत, सचिन पायलट—राजस्थान का वो युवा चेहरा जिसने कांग्रेस की डूबती नैया को किनारे लगाया था। सबको लगा था कि मेहनत की कमाई उन्हें CM Chair…

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2012 की तस्वीर से 2025 की राजनीति: बेइज्ज़त हो वफ़ा निभाते सचिन पायलट

साल 2012, कांग्रेस की ‘यंग ब्रिगेड’ की वो मशहूर तस्वीर — सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद।पांच चेहरे, पांच उम्मीदें… और पांचों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कि ये ही कांग्रेस का भविष्य हैं। कहानी में ट्विस्ट?2025 में इन पाँच में से तीन बीजेपी के ऑफिस में बैठकर चाय पी रहे हैं — और एकमात्र सचिन पायलट अब भी कांग्रेस के वफादार कैडेट की तरह डटे हुए हैं। सचिन पायलट: कांग्रेस के “लास्ट मैन स्टैंडिंग” राजस्थान में पिछली सरकार बनाने का श्रेय भले ही कैंपेन में…

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BJP की कुर्सी—ब्राह्मण का आशीर्वाद, OBC का दम, या दलित का ‘ट्रम्प कार्ड’?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुर्सी का तापमान बढ़ गया है। प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए छह बड़े चेहरे सुर्खियों में हैं। पार्टी हाईकमान ने लखनऊ में मैराथन बैठकें निपटा दी हैं—जहाँ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी से ज्यादा चाय की केतली ज़्यादा उबलती दिखी। अंदरखाने सूत्र कहते हैं कि ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों कार्डों को टेबल पर रखा गया है। पार्टी चुनावी गणित को देखते हुए किसे राजा बनाएगी, यह अभी ‘कंफिडेंशियल फाइल’ मोड में है। ब्राह्मण कार्ड: दिनेश शर्मा सबसे आगे? राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम…

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