“सड़क पर नौकरी! हाईकोर्ट ने कहा – दोबारा दो Exam!”

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) के 771 संविदा कर्मचारियों की बर्खास्तगी को वैध ठहराते हुए भर्ती घोटाले पर बड़ा संदेश दिया है। भर्ती में धांधली! बिना इंटरव्यू, बिना आरक्षण नीति के हुई हायरिंग जांच में सामने आया कि पूर्व प्रबंध निदेशकों आनंद प्रकाश तिवारी और खगेंद्र नाथ चेतिया के कार्यकाल में करीब 2,274 लोगों को सीधे अनुबंध पर रख लिया गया था।इन भर्तियों में न तो आरक्षण नीति का पालन हुआ, न ही इंटरव्यू, और न ही कोई औपचारिक चयन प्रक्रिया। मतलब,…

Read More

Waqf Sanshodhan Adhiniyam 2025 पर सुप्रीम ब्रेक!

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए अंतरिम आदेश को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने ‘बड़ी राहत’ बताया है। प्रतापगढ़ी इस मामले के प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस क़ानून को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी। उनका कहना है कि, “सरकार की मंशा पर सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगाया है। लाखों लोगों को राहत मिली है जो डर में जी रहे थे कि उनकी ज़मीनें छीनी जाएंगी।” क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने पूरा कानून रद्द नहीं किया,…

Read More

जिन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट ने मना किया, उन्हें बेलोनिया कोर्ट ने बेल दे दी

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने बेलोनिया के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के उस फैसले पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसमें हत्या के गंभीर आरोप झेल रहे छह व्यक्तियों को ज़मानत दे दी गई, जबकि इन्हीं आरोपियों की याचिका को उच्च न्यायालय पहले ही ठुकरा चुका था। अब न्यायमूर्ति विश्वजीत पालित ने न केवल रजिस्ट्रार (न्यायिक) को जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि उन छह आरोपियों को नोटिस जारी कर कारण बताओ नोटिस भी थमा दिया है — कि आखिर क्यों न उनकी ज़मानत रद्द कर दी जाए। मामला: सीपीआई…

Read More

जस्टिस दत्ता आपने राहुल को डांट पिलाई, लेकिन गलती उनको ज्ञान देने वाले की है

2020 में गलवान घाटी पर भारत-चीन सैनिकों की झड़प के बाद एक बयान में राहुल गांधी ने जो शब्दों की तलवार चलाई थी, अब वही बयान उनके लिए कानूनी चक्रव्यूह बन गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि केस में राहत देते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है, लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राहुल गांधी की क्लास भी उसी सख्ती से ली, जैसे एक स्कूल में देर से आने वाले बच्चे की होती है। जस्टिस दत्ता बोले: “सच्चे भारतीय होते तो ऐसा न कहते!” बेंच…

Read More

मालेगांव केस में सभी बरी, फडणवीस ने कहा- ‘मालेगांव ब्लास्ट एक षडयंत्र था’

मालेगांव 2006 बम विस्फोट केस में गुरुवार को विशेष एनआईए अदालत ने फैसला सुनाते हुए सातों अभियुक्तों को बरी कर दिया। यह फैसला उस केस का अंत माना जा रहा है जिसमें 6 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। केस करीब 17 साल तक चला और कई मोड़ आए। मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया: “षड्यंत्र साफ़ है” फैसले के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से कहा: “अभी हम इस फैसले को विस्तार से देखेंगे। इसमें क्या कहा गया है, यह समझने के बाद…

Read More

“निठारी केस का The End: CBI हारी, कोली खुद जीता!”

“कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन दलीलों से लचकदार भी हो जाते हैं।” 2006 से जेल में बंद सुरेंद्र कोली अब आज़ाद है।सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2025 को फैसला सुनाते हुए उसे निठारी कांड के सभी मामलों में बरी कर दिया। और वो भी… खुद की पैरवी करके!जब वकील न हों, तब खुद की आवाज़ ही सबसे बड़ी दलील बन जाती है। CBI की कहानी खत्म, कोली की आज़ादी शुरू जिन सबूतों को लेकर CBI कोर्ट-कचहरी घूमती रही, उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने “गैर-पर्याप्त” मानते हुए CBI की सभी अपीलें…

Read More

गाज़ा नहीं, पहले देश देखो: हाई कोर्ट की लेफ्ट को लताड़

17 जून को All India Peace and Solidarity Foundation (AIPSF) ने मुंबई के आजाद मैदान में गाजा के समर्थन में प्रदर्शन की इजाजत मांगी थी।लेकिन मुंबई पुलिस ने “न” कह दिया — और CPI(M) ने इसे अदालत में चुनौती दे दी। कोर्ट ने क्या कहा? न्यायमूर्ति रवींद्र वी घुगे ने याचिका को खारिज करते हुए कहा: “पहले अपने देश की तरफ देखिए, देशभक्त बनिए, यह देशभक्ति नहीं है।” उन्होंने CPI(M) को यह भी याद दिलाया कि वह भारत की एक रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी है — तो प्रदर्शन गाज़ा नहीं, गलियों…

Read More