चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) की समयसीमा 7 दिन बढ़ा दी है। पहले फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 4 दिसंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है। इसी के साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (Draft Roll) अब 16 दिसंबर को जारी होगी। यह फैसला उन राज्यों के लिए राहत लेकर आया है जहाँ भारी संख्या में लोग अभी तक अपने voter-related forms (Form 6, 7, 8) जमा नहीं करा पाए थे। किन 12 राज्यों में SIR जारी…
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CM का ‘SIR Move’—फॉर्म भरा, मैसेज दिया: वोटर वेरिफिकेशन है ज़रूरी
भारत के लोकतंत्र को और मजबूत करने के लिए चल रही SIR (Special Intensive Revision) मुहिम अब ज़मीनी स्तर पर तेजी पकड़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने स्वयं SIR फॉर्म भरकर एक बड़ा संदेश दिया— “सशक्त लोकतंत्र की नींव है सत्यापित मतदाता।” मतलब साफ— “पहले डेटा ठीक करो, फिर लोकतंत्र चमकेगा!” CM ने भरा SIR फॉर्म: Gorakhpur से दिया संदेश गोरखपुर में उन्होंने अपना गणना प्रपत्र स्वयं भरकर उपलब्ध कराया। यह एक तरह से जनता को “Example से सीखने” वाला मोमेंट था।उनका संदेश, “आपका छोटा सा प्रयास भारत…
Read More“Sir, असली हैं या फर्जी?” — EC ने शुरू की वोटर लिस्ट की ग्रैंड धुलाई
देश के 12 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में आज से Special Intensive Revision (SIR 2025) का बिगुल बज गया है।चुनाव आयोग ने ठान लिया है — “फर्जी वोटरों की अब नहीं चलेगी!”इस बार टारगेट साफ है — “योग्य मतदाता अंदर, फर्जी बाहर!” लखनऊ में जब टीम पहुंची तो कुछ लोग हैरत में पड़ गए जबकि कुछ को शंका हुई कि ये नागरिकता जांचने आए हैं ऐसे में टीम ने उनकी सभी शंका दूर करी और कहा की फार्म में मांगी गई जानकारी चुनाव के लिए हैं। SIR क्यों जरूरी…
Read More“Vote नहीं तो Party भी नहीं!” गायब पार्टियों को तमिलनाडु EC का अल्टीमेटम
तमिलनाडु में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जहां एक ओर DMK और AIADMK जैसे प्रमुख दल अपना चुनाव प्रचार ज़ोर-शोर से शुरू कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर 6 वर्षों से चुनाव न लड़ने वाली 6 पार्टियों को नोटिस भेजा गया है। किन पार्टियों पर गिरी गाज? चेन्नई में पंजीकृत इन 6 दलों को चुनाव आयोग की ओर से व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताने का आदेश दिया गया है कि उनका पंजीकरण रद्द क्यों न किया…
Read Moreराष्ट्रवाद की राजनीति में बीजेपी को क्यों मिलता है जनता का समर्थन?
जब भी भारत में चुनाव आते हैं, एक शब्द गूंजता है — “राष्ट्रवाद”। और इस शब्द के साथ जुड़ा होता है एक नाम: BJP (भारतीय जनता पार्टी)। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो, CAA-NRC की बहस, या राम मंदिर निर्माण — बीजेपी ने राष्ट्रवाद को न सिर्फ राजनीतिक एजेंडा, बल्कि भावनात्मक कनेक्शन बना दिया है। यही कारण है कि राष्ट्रवाद के नाम पर जनता बार-बार बीजेपी को समर्थन देती है? जनता का झुकाव: राष्ट्रवाद को माने ‘India First’ एजेंडा आम मतदाता को जब लगता है कि देश को सुरक्षा, सम्मान और…
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