Success Story: बस ड्राइवर के बेटे को मिले ताने, साइबर कैफे में किया काम… चौथे प्रयास में UPSC पास कर बने IAS मोईन अहमद मंसूरी

भोपाल: आर्थिक तंगी, सीमित संसाधन और समाज के तानों के बीच भी अगर हौसला मजबूत हो तो सफलता की राह खुद बन जाती है। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं आईएएस अधिकारी मोईन अहमद मंसूरी। बस ड्राइवर के बेटे मोईन ने परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए साइबर कैफे में काम किया, लेकिन अपने सपने से कभी समझौता नहीं किया। लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने वर्ष 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के चौथे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 296 हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। आर्थिक तंगी…

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