“RSS ≠ BJP!” मोहन भागवत ने मिथकों पर लगाया फुल स्टॉप

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर राजनीति, सत्ता और पार्टी-टैगिंग की जो धारणाएं वर्षों से चल रही हैं, उन पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अब खुलकर बात की है।कोलकाता में आयोजित ‘व्याख्यान माला’ कार्यक्रम के दौरान भागवत ने साफ शब्दों में कहा— “संघ को केवल राजनीति या किसी पार्टी से जोड़कर देखना न सिर्फ गलत है, बल्कि संघ की मूल आत्मा को न समझ पाने का संकेत भी है।” RSS = Political Wing? भागवत बोले – “Big Misunderstanding” भागवत ने बिना किसी राजनीतिक नाम लिए स्पष्ट किया कि RSS…

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Ayodhya में History Reloaded — Bhagwa की Grand Entry

25 नवंबर 2025—Vivah Panchami का शुभ दिन—और Ayodhya आज एक ऐसे आध्यात्मिक क्षण की साक्षी है जिसे देखकर इतिहास भी मुस्कुरा रहा है। रामलला के मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर आज वह केसरिया ध्वज फहराएगा जो सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सूर्यवंश, रामायण और अयोध्या की आत्मा की तीन गुना ताकत का प्रतीक है। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं—यह “Sanatan Super Celebration” है। Vivah Panchami का दिव्य कनेक्शन: जब मैरिज Anniversary और Dharma Celebration मिल गए Vivah Panchami यानी वह दिन जब त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का…

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रावण का ओपन लैटर: रामलीला की मर्यादा को मत छेड़ो

प्रिय रामलीला आयोजकों,मैं रावण — लंकेश्वर, दशानन, शिवभक्त, परम विद्वान — आज पाताल से एक ओपन लैटर लिख रहा हूँ। वजह?पूनम पांडे को मंदोदरी बनाना। अरे! ये रामलीला है या Instagram reel की शूटिंग? मंदोदरी कोई रैंडम रोल नहीं है मंदोदरी सिर्फ़ मेरी पत्नी नहीं, लंका की आत्मा थी। वो राजनीति की ज्ञाता थी, धर्म की व्याख्याता थी, और मेरे जीवन की नैतिक बैलेंस शीट। अगर मैं रावण था, तो वो मेरी रावणनी थी — विवेक और मर्यादा की देवी। अब उस पवित्र किरदार को आप “हॉट फोटोशूट क्वीन” के हवाले…

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रील्स से रील-लाइफ तक विवाद! राजभर बोले- “अब ये गंदगी बंद होनी चाहिए”

21 मार्च को रिकॉर्ड किया गया एक पुराना वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। इसमें जानी-मानी साध्वी ऋतम्भरा ने सोशल मीडिया पर महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे अश्लील कंटेंट को लेकर तीखी आपत्ति जताई है। उनका कहना है, “हे भगवान! ये नग्नता देखकर शर्म आती है। क्या अब ठुमके लगाकर पैसा कमाना शेष रह गया है?” अब इस बयान को केवल एक “धार्मिक चिंता” न मानें, यह सीधा-सपाट एक सोशल कमेंट्री है जो भारतीय संस्कृति की दुहाई देती है… और शायद इंस्टाग्राम की एल्गोरिद्म को भी डांटती…

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