चाबहार पर राहत — अमेरिका ने भारत को दी 6 महीने की ‘Sanction Holiday

ईरान के चाबहार बंदरगाह पर लागू अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को 6 महीने की अस्थायी छूट मिली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि — “हमें उस बंदरगाह पर लागू अमेरिकी प्रतिबंधों से छह महीने की अवधि के लिए छूट दी गई है।” यह राहत ऐसे समय पर आई है जब अमेरिका ने सितंबर 2024 के अंत में चाबहार से जुड़े कई संस्थानों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। भारत-ईरान की साझेदारी: व्यापार और रणनीति का संगम भारत ने ईरान के साथ 13 मई 2024 को चाबहार पोर्ट…

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“तोरा बोरा 2.0 लोड हो रहा है!” — पाकिस्तान का तालिबान को ओपन वार्निंग

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इस बार तल्ख़ तेवर दिखाते हुए तालिबान को चेतावनी दी है — “पाकिस्तान को तुम्हें ख़त्म करने के लिए अपनी पूरी ताक़त भी नहीं लगानी पड़ेगी।” जी हाँ, ये वही लाइन है जो इंटरनेशनल डिप्लोमेसी के मैदान में किसी “माइक ड्रॉप मोमेंट” से कम नहीं! आसिफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (Twitter) पर लिखा — “अगर तालिबान चाहे तो दुनिया फिर से तोरा बोरा के दृश्य देख सकती है — जहाँ वे दुम दबाकर भागे थे।” भाई साहब, ये तो जैसे तालिबान की…

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पाकिस्तान का ‘पॉलिटिकल करंट’: बातचीत नहीं तो बॉर्डर पर जंग

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने ऐसा बयान दे दिया है, जिससे कूटनीति की कॉफी कप फिर से हिल गई है।उन्होंने कहा — “अगर बातचीत से हल नहीं निकला, तो अफ़ग़ानिस्तान के साथ खुली जंग छिड़ जाएगी।” यानि अब पाकिस्तान की “पीस पॉलिसी” भी वॉरनिंग मोड में पहुंच गई है। क़तर और तुर्की में ‘पीस टॉक्स’ जारी, लेकिन शर्तें हैं भारी आसिफ़ ने सियालकोट में मीडिया से बात करते हुए बताया कि क़तर और तुर्की ईमानदारी से अफ़ग़ान तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका दावा है —…

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अमेरिका ने कैरेबियन में तैनात किए एयरक्राफ्ट कैरियर और 75 F-35

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी नौसेना ने कैरेबियन सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड, 8 युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और 75 F-35 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इन सभी पर लगभग 5000 सैनिक तैनात हैं। जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि यह कदम पूरे लैटिन अमेरिका में राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप इस तैनाती के माध्यम से अपनी वैश्विक ताकत दिखा रहे हैं। वेनेजुएला पर नशा तस्करों को शरण देने का आरोप अमेरिका की यह तैनाती अब…

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“EU का तेल बम! भारत की 3 कंपनियां ब्लैकलिस्ट — रूस बना टेंशन!”

अमेरिका के बाद अब यूरोपियन यूनियन ने भी भारत को सख्त मेसेज भेज दिया है — “रूस से तेल खरीदोगे तो झेलोगे!”रूस से कनेक्शन रखने के आरोप में EU ने भारत की तीन कंपनियों पर प्रतिबंध जड़ दिए हैं। ये वही कंपनियाँ हैं जो रूस के साथ तेल और टेक्नोलॉजी ट्रेड में जुड़ी बताई जा रही हैं।यानी अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया इशारा साफ है — “जो रूस का यार है, वो EU का प्यार नहीं पा सकता!” तीन भारतीय कंपनियाँ EU की ब्लैकलिस्ट में – नाम सुनिए ध्यान से!…

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जो बोया, वही काटा! अब पाकिस्तान खुद बना ‘आतंकी कहर’ का शिकार

“आतंकवाद किसी का सगा नहीं होता” — ये लाइन अब पाकिस्तान के लिए ‘रियलिटी चेक’ बन चुकी है। जो मुल्क सालों से आतंक को एक्सपोर्ट करने की फैक्ट्री चला रहा था, अब उसी के गोदाम में ब्लास्ट हो रहा है। बलूचिस्तान में फिर दहाड़ा ‘आज़ादी’ का शेर! बलूचिस्तान में बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने सीधा पाक सेना को टारगेट किया। नतीजा? 5 सैनिक ढेर, 2 गंभीर रूप से घायल। ये वही बलूच हैं जो सालों से आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं, और अब उनके सब्र का पैमाना छलक गया…

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“सोया मत लो, नहीं तो फूट पड़ जाएगी!” — ट्रंप का चाइना पर सोयाबीन वार!

Donald Trump एक बार फिर अपने “America First” अवतार में लौट आए हैं — और इस बार निशाने पर है चीन और उसका ‘Divide and Rule’ वर्जन 2.0। ट्रंप का ताज़ा आरोप: चीन अमेरिका से सोयाबीन नहीं खरीद रहा, बल्कि अर्जेंटीना से ले रहा है — और ये सब अमेरिका-अर्जेंटीना के रिश्तों में दरार डालने की चाल है। ट्रंप बोले, “China को फूट डालकर फायदा उठाना अच्छा लगता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे… soy को सॉरी कर देंगे!” So(y) Called Trade War: सोयाबीन बना वजह बहस की! ट्रंप…

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क्या भारत बन गया है रूस के फाइटर जेट्स का “फ्यूल सप्लायर”?

एक नई यूरोपीय रिपोर्ट ने भारत को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। वजह? रूस-यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल हो रहे लड़ाकू विमानों की परफॉर्मेंस बढ़ाने वाले Fuel Additives का “मुख्य सप्लायर” बन चुका है भारत। अब भले ही भारत कहे कि हम तटस्थ हैं, लेकिन रिपोर्ट्स कुछ और ही कह रही हैं – Made in India केमिकल्स, Made for Peace या Made for Putin? क्या हैं ये Fuel Additives? युद्ध के मासूम “सहयोगी” या परफॉर्मेंस बूस्टर? फ्यूल एडिटिव्स कोई मिसाइल या बम नहीं होते। ये तो वो केमिकल होते…

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भारत फिर खोलेगा काबुल में दूतावास, विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद बड़ा फैसला

तीन साल पहले जब तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता संभाली थी, भारत ने काबुल स्थित अपना दूतावास बंद कर दिया था। लेकिन अब हालात कुछ बदलते दिख रहे हैं। भारत ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अफ़ग़ान राजधानी काबुल में फिर से अपना दूतावास खोलेगा — यानी टेक्निकल मिशन को अब दूतावास के लेवल पर अपग्रेड किया जाएगा। जब जयशंकर मिले मुत्तक़ी से — अफ़ग़ानिस्तान में रिश्तों की नई स्क्रिप्ट? शुक्रवार को दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर…

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“बाल्टिक से रूस तक: ये ‘छोटा’ इलाका पुतिन के लिए क्यों बना बड़ा सिरदर्द?”

एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया — ये तीन छोटे-से देश, जो मिलकर Baltic States कहे जाते हैं, भले ही नक्शे में ज़्यादा जगह न घेरते हों, लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों की निगाहें आज इन्हीं पर टिकी हैं। रूस बार-बार इन देशों की सीमाओं के पास युद्धाभ्यास करता है, विमानों से घुसपैठ करता है और NATO को खुली चुनौती देता है। बाल्टिक देश इतने अहम क्यों हैं? लोकेशन, लोकेशन, लोकेशन! बाल्टिक देश यूरोप और रूस के बीच की आखिरी बफर लाइन माने जाते हैं। ये सीधे Baltic Sea से…

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