नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की ओर से अभिनेत्री कृति सैनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में पहने कपड़ों पर की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के कपड़े पहनने और अपनी बात रखने की आजादी है, तो दूसरे लोगों को उस पर असहमति जताने और आलोचना करने का भी अधिकार है। अभिव्यक्ति की आजादी…
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सर्वसम्मति का आतंक: जब भीड़ ही बन जाए न्यायाधीश
लोकतंत्र में सबसे खतरनाक शब्द “तानाशाह” नहीं होता, सबसे खतरनाक शब्द होता है — “सब यही मानते हैं।” क्योंकि जब “सब” मानने लगते हैं, तब सोचने की ज़रूरत खत्म हो जाती है। आज हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँसच का फैसला अदालत या तर्क नहीं, भीड़ का मूड करता है। Majority = Right? यह भ्रम क्यों खतरनाक है बहुमत हमेशा सही हो यह लोकतंत्र का सिद्धांत नहीं, यह भीड़ का आत्मविश्वास है। इतिहास गवाह है कि majority कई बार गलत रही है, और minority ही भविष्य लेकर आई है। लेकिन…
Read MoreGen-Z ने किया नेपाल संसद में Snapchat Protest! देखें वीडियो
नेपाल की राजधानी काठमांडू इस समय सिर्फ हिमालय की वादियों से नहीं, बल्कि Gen-Z की नारों और गुस्से की गरज से भी गूंज रही है। वजह? सरकार ने किया है सोशल मीडिया का “स्वर्गद्वार बंद!” “No Insta, No Peace” के नारों के साथ हजारों लड़के-लड़कियां संसद भवन के आगे पहुंच गए — और अंदर भी! पुलिस को ना सिर्फ आंसू गैस, बल्कि आंसुओं से भी निपटना पड़ा। “Banned Hai Toh Trending Hai!” – क्यों हुआ ये बवाल? नेपाल सरकार ने 4 सितंबर को एक ऐसा फैसला लिया जिसने TikTokers से…
Read Moreदेशभक्ति बोले तो ‘गुनाह’? कब से राष्ट्रवाद हो गया कंट्रोवर्सी!
“भारत माता की जय” बोलना, तिरंगा लहराना या सेना की तारीफ करना—कभी ये बातें देशभक्ति की पहचान मानी जाती थीं। लेकिन आज, अगर कोई खुलकर राष्ट्रवाद की बात करता है तो उसे अक्सर “जाहिर एजेंडा”, “प्रोपेगेंडा” या “ध्रुवीकरण” के आरोपों से घेर लिया जाता है। तो सवाल ये है: क्या भारत में राष्ट्रवाद की बात करना अब गुनाह बन गया है? राष्ट्रवाद बनाम अंधराष्ट्रवाद: फर्क समझना ज़रूरी है राष्ट्रवाद यानी अपनी मातृभूमि से प्रेम, उसका सम्मान और समृद्धि के लिए काम करना। अंधराष्ट्रवाद में तर्क, आलोचना और बहस के लिए…
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