नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। क्रेमलिन की ओर से पुष्टि की गई है कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह पिछले एक वर्ष के भीतर उनका दूसरा भारत दौरा होगा। बताया जा रहा है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होगी। रूस की ओर से राष्ट्रपति पुतिन की मौजूदगी को इस सम्मेलन…
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Middle East War: कुवैत से 20 शव लौटे, सरकार 8 मौतों की बात कर रही
ताबूतों में लौटते लोग… और आंकड़ों में सिमटती मौतें। किसी के घर का बेटा, किसी की दुनिया… अब सिर्फ एक नंबर बन चुका है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल — क्या हम सच जान भी पा रहे हैं, या सिर्फ दिखाया जा रहा है? जंग का 33वां दिन: मौत का बढ़ता हिसाब Middle East की आग अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही…यह अब घरों तक पहुंच चुकी है — खासकर भारत के। कुवैत से कोचीन एयरपोर्ट पर आई फ्लाइट में 20 शव…लेकिन विदेश मंत्रालय कहता है — सिर्फ 8 भारतीयों की…
Read Moreसंसद से संसद तक: 60+ देशों संग लोकतांत्रिक ‘दोस्ती मिशन’ की शुरुआत
नई दिल्ली में संसदीय कूटनीति का नया अध्याय खुला है। लोक सभा अध्यक्ष Om Birla ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन कर भारत की संसद को वैश्विक संवाद के केंद्र में ला खड़ा किया है। यह कदम पारंपरिक राजनय से आगे बढ़कर “Parliament to Parliament” कनेक्ट की ओर इशारा करता है, जहां सांसद सीधे अपने विदेशी समकक्षों से संवाद करेंगे। यानी विदेश नीति अब सिर्फ दूतावासों की फाइलों में नहीं, बल्कि सदन की बहसों में भी सांस लेगी। दलों से परे, लोकतंत्र साथ इन…
Read Moreअखिलेश यादव का तीखा सवाल: विदेश नीति है या ‘फोटोशूट नीति’?
जब अमेरिका ने H-1B वीज़ा की फीस $1,00,000 (यानी 88 लाख रुपये) तक पहुंचा दी, तो भारत के विपक्षी नेता जैसे नींद से जागे विरोध के वीर बन गए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की ‘रणनीतिक चुप्पी’ पर कड़ा हमला बोला। “हमारी विदेश नीति कमज़ोर है। अगर और देश भी ऐसा करने लगें तो क्या करेंगे? हमारी तैयारी क्या है? क्या सिर्फ अमेरिका के लिए सेल्फी और ‘Howdy Modi’ शो काफी है?” अखिलेश की चिंता अखिलेश ने साफ कहा कि ये फैसला सिर्फ…
Read More“ट्रंप टैरिफ पॉलिटिक्स पर जयशंकर- ‘पसंद नहीं? तो मत खरीदो भाई!'”
वॉशिंगटन डीसी और दक्षिण ब्लॉक के बीच जो “टैरिफ तकरार” चल रही है, उस पर अब भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका को ऐसा जवाब दिया है, जिसे अंग्रेज़ी में कहें तो – “साल्ट एंड पेपर विद टच ऑफ मिर्ची!” “तेल नहीं चाहिए? कोई ज़बरदस्ती थोड़ी है!” इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में बोलते हुए जयशंकर बोले: “अगर आपको भारत से तेल या अन्य उत्पाद खरीदने में कोई समस्या है तो न खरीदें। कोई आपको मजबूर नहीं कर रहा। यूरोप भी खरीद रहा है। अमेरिका भी।”…
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