असम विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साफ़ तौर पर political signal माना जा रहा है।एक तरफ मंच से विकास परियोजनाओं की झड़ी लगी, तो दूसरी तरफ NDA के भीतर seat sharing और election strategy पर गंभीर मंथन हुआ। यानी संदेश साफ था— काम भी दिखाना है, और गठबंधन भी संभालना है। ₹1,715 करोड़ की Development Politics अमित शाह ने डिब्रूगढ़ समेत कई इलाकों में करीब 1,715 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें शामिल हैं-…
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असम में ST बवाल! आदिवासी बोले—“कोटा नहीं काटने देंगे”
असम में छह नई जनजातियों को Scheduled Tribes (ST) में शामिल करने की प्रस्तावित सिफ़ारिश ने बड़े पैमाने पर विरोध भड़का दिया है। राज्यभर के कई आदिवासी समुदायों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने यह प्रस्ताव आगे बढ़ाया, तो तेज आंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की इंटरिम रिपोर्ट सामने आने के बाद असम के कई हिस्सों—खासकर गुवाहाटी, बोडो बहुल इलाकों और कार्बी-आंगलोंग—में रविवार को ज़ोरदार प्रदर्शन हुए। क्यों विरोध कर रहे हैं आदिवासी समुदाय? असम में फिलहाल 14 ST समुदाय हैं और इनका कहना है कि…
Read More“फूलों के बाग़ में काँटे न चुनें — इमाम काउंसिल का वोटर गाइड!”
बोडोलैंड में राजनीतिक तापमान एक बार फिर उबाल पर है, और इस बार बर्तन हिलाया है बोडोलैंड इमाम काउंसिल ने! काउंसिल के अध्यक्ष हाफ़िज़ कटुबुद्दीन ने BJP और AIUDF को सीधे-सीधे ‘सांप्रदायिक ताकतें’ घोषित करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय से इन पार्टियों को तौबा करने की अपील कर दी। कटुबुद्दीन साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत एक खूबसूरत फूलों का बाग़ है, लेकिन कुछ पार्टियाँ इसमें आग लगाने पर तुली हैं। कमल और चाँद अब बगीचे के लायक नहीं!” बोलिए, बाग़ में बहार लानी है या बारूद? अल्पसंख्यकों को दिया…
Read More“सड़क पर नौकरी! हाईकोर्ट ने कहा – दोबारा दो Exam!”
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) के 771 संविदा कर्मचारियों की बर्खास्तगी को वैध ठहराते हुए भर्ती घोटाले पर बड़ा संदेश दिया है। भर्ती में धांधली! बिना इंटरव्यू, बिना आरक्षण नीति के हुई हायरिंग जांच में सामने आया कि पूर्व प्रबंध निदेशकों आनंद प्रकाश तिवारी और खगेंद्र नाथ चेतिया के कार्यकाल में करीब 2,274 लोगों को सीधे अनुबंध पर रख लिया गया था।इन भर्तियों में न तो आरक्षण नीति का पालन हुआ, न ही इंटरव्यू, और न ही कोई औपचारिक चयन प्रक्रिया। मतलब,…
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