हार्ट अटैक से पहले ही मिलेगा अलर्ट! IIT कानपुर के छात्र ने बनाया बायोसेंसर, कुछ बूंद खून से शुरुआती खतरे की होगी पहचान

कानपुर: हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के बीच आईआईटी कानपुर से राहत देने वाली खबर सामने आई है। संस्थान के एक शोधार्थी ने ऐसा बायोसेंसर विकसित किया है, जो हार्ट अटैक के प्रमुख कारण एथेरोस्क्लेरोसिस की शुरुआती अवस्था का पता लगाने में सक्षम है। खास बात यह है कि इस तकनीक से कुछ बूंद खून के नमूने के जरिए बीमारी की पहचान की जा सकती है। इस शोध को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है। कुछ बूंद खून से बीमारी की शुरुआती पहचान यह बायोसेंसर आईआईटी कानपुर के…

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कम उम्र में हाई कोलेस्ट्रॉल? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

“पकौड़ा मत खा बेटा, कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाएगा!”मां के इस वाक्य से शुरुआत होती है भारतीय स्वास्थ्य ज्ञान की — जो अक्सर WhatsApp University से प्रमाणित होता है। लेकिन जरा रुकिए, क्या वाकई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ बुढ़ापे की बीमारी है?अब नहीं। युवाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल एक खामोश बम की तरह है — दिखता नहीं, पर धमाका कर देता है। कोलेस्ट्रॉल क्या है? कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद एक वसायुक्त “जेल जैसा” पदार्थ है, जो हर कोशिका में पाया जाता है। इसकी मदद से बनते हैं हार्मोन, पाचन रस और सेल की सुरक्षा कवच।…

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धूम्रपान और हृदय रोग: एंजियोप्लास्टी में प्रगति से कैसे मिल रही है राहत- डॉ ऋषि सेठी

लखनऊ । हृदय रोग, विशेष रूप से कोरोनरी आर्टरी डिजीज, दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है और एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। धूम्रपान कोरोनरी आर्टरी डिजीज का एक मुख्य और रोके जाने योग्य कारण है, जो खासतौर पर युवा लोगों को प्रभावित करता है। जागरूकता अभियानों के बावजूद, हृदय और रक्त वाहिकाओं पर इसके हानिकारक प्रभाव इसे रोकथाम और उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाते हैं। ये कहना है डॉ. ऋषि सेठी, प्रोफेसर, लारी कार्डियोलॉजी,केजीएमयू, लखनऊ एंजियोप्लास्टी में प्रगति: धातु स्टेंट से आधुनिक समाधानों तक…

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