बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि किसी महिला को अपने मायके जाने के लिए ससुराल के लोगों से इजाजत लेने की जरूरत क्यों होनी चाहिए। कोर्ट के मुताबिक माता-पिता की देखभाल की पहली जिम्मेदारी उनके अपने बेटे या बेटी की होती है, बहू या दामाद की नहीं। यह मामला एक मजदूर…
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डिग्री हो या नौकरी, घर संभालने वाली महिला ‘गृहिणी’, कर्नाटक हाईकोर्ट ने बताई इसकी व्यापक परिभाषा
बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने गृहिणी की परिभाषा को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि परिवार की देखभाल और घर की जिम्मेदारियां निभाने वाली महिला को गृहिणी माना जा सकता है, भले ही उसके पास उच्च शैक्षणिक डिग्री हो या वह नौकरी करती हो। अदालत ने साफ किया कि किसी महिला को गृहिणी मानने के लिए उसका अनपढ़ होना या केवल घर के काम तक सीमित रहना जरूरी नहीं है। क्या है पूरा मामला? मामला 2013 में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम की बस से हुई एक सड़क दुर्घटना…
Read Moreहेलमेट नहीं दिया तो थप्पड़ पड़ गया! बेंगलुरु में रैपिडो ड्रामा वायरल
बेंगलुरु के जयनगर से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक रैपिडो ड्राइवर एक महिला यात्री को सरेआम थप्पड़ मार देता है।और हां, थप्पड़ कोई ‘छोटा मोटा’ नहीं था—“एकदम फिल्मी स्टाइल में, वो भी बिना क्लाइमेक्स के!” एल्बम शूट से सीधा मौत का सीन! शीतल मर्डर केस ने हरियाणा को झकझोरा “इंग्लिश बनाम कन्नड़” – भाषाई जंग या थप्पड़ का बहाना? महिला अंग्रेजी में बोल रही थी और ड्राइवर सिर्फ कन्नड़ जानता था। नतीजा? Google Translate नहीं था, तो बहस हाथापाई में बदल गई।महिला ने किराया देने और हेलमेट…
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